Karwa Chauth 2026: करवाचौथ पर मौसम ने डाली खलल, यूपी में बादलों के पीछे छिपा रहा चांद; महिलाओं ने वीडियो कॉल में किए दर्शन चांद
Karwa Chauth 2026: देशभर में गुरुवार को करवाचौथ का पर्व श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाले इस त्योहार पर सुबह से ही घरों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और चांद के निकलने का इंतजार किया। हालांकि, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम की बेरुखी ने महिलाओं की प्रतीक्षा बढ़ा दी। आसमान में छाए घने बादलों के कारण चांद के दर्शन नहीं हो सके।

करवाचौथ की सुबह से ही महिलाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह नजर आया। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद महिलाओं ने अपने निर्जला व्रत की शुरुआत की। दिनभर बिना अन्न और जल ग्रहण किए महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घरों में करवाचौथ की तैयारियां होती रहीं। बाजारों में भी मेहंदी, चूड़ियों, साड़ियों, आभूषणों और पूजा सामग्री की दुकानों पर रौनक देखने को मिली।
शाम होते ही महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारियां शुरू कर दीं। किसी ने लाल रंग की साड़ी पहनी तो किसी ने पारंपरिक परिधान में सजकर पूजा की थाली तैयार की। थाली में दीपक, मिठाई, फल, अक्षत, जल और पूजा की अन्य सामग्री सजाई गई। महिलाओं ने करवाचौथ की कथा सुनी और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

Karwa Chauth 2026: सात बजे से शुरू हुआ चांद का इंतजार
झांसी और आसपास के क्षेत्रों में शाम करीब सात बजे से ही महिलाएं चंद्रमा के निकलने का इंतजार करने लगीं। घरों की छतों, बालकनी और खुले स्थानों पर महिलाएं आसमान की ओर नजरें टिकाए रहीं। हर बार बादलों के हटने की उम्मीद के साथ महिलाएं चांद देखने का प्रयास करती रहीं। लेकिन आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दिया।

समय बीतने के साथ महिलाओं की बेचैनी भी बढ़ती गई। कई महिलाएं बार-बार छतों पर जाकर आसमान देखने लगीं। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ देर में बादल हटेंगे और चंद्रदेव के दर्शन हो सकेंगे। लेकिन देर रात तक मौसम साफ नहीं हुआ और चांद बादलों की ओट में ही छिपा रहा।
Karwa Chauth 2026: वीडियो कॉल बनी चंद्रदर्शन का सहारा
चांद के दर्शन नहीं होने पर महिलाओं ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। दूसरे शहरों में रहने वाले रिश्तेदारों और परिचितों से वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया गया। जिन स्थानों पर आसमान साफ था, वहां से परिजनों ने चंद्रमा के दर्शन कराए। महिलाओं ने मोबाइल स्क्रीन पर चंद्रदेव को देखकर पूजा की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पति की पूजा-अर्चना कर जल ग्रहण किया और अपना निर्जला व्रत खोला।

इस दौरान कई घरों में मोबाइल फोन के जरिए चंद्रदर्शन का अनोखा नजारा देखने को मिला। जिन महिलाओं के परिवार के सदस्य दूसरे शहरों में रहते हैं, उनके लिए वीडियो कॉल काफी मददगार साबित हुई। एक ओर आसमान में बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं दे रहा था, वहीं दूसरी ओर मोबाइल स्क्रीन पर चंद्रमा देखकर महिलाओं ने अपनी धार्मिक परंपरा निभाई।
Karwa Chauth 2026: आस्था और विश्वास का पर्व है करवाचौथ
करवाचौथ भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं और इसके बाद निर्जला व्रत शुरू करती हैं। शाम को करवाचौथ की कथा सुनने के बाद चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है।
इस त्योहार में चंद्रदर्शन का विशेष महत्व है। यही वजह है कि महिलाएं चांद निकलने तक बेसब्री से इंतजार करती हैं। कई स्थानों पर महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा करती हैं और एक-दूसरे को करवाचौथ की शुभकामनाएं देती हैं।
Karwa Chauth 2026: मौसम बदला, लेकिन आस्था नहीं हुई कम
इस बार खराब मौसम ने महिलाओं के इंतजार को जरूर लंबा कर दिया, लेकिन उनकी श्रद्धा और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। आसमान में चंद्रमा भले ही बादलों के पीछे छिपा रहा, लेकिन महिलाओं ने तकनीक की मदद से पूजा की परंपरा निभाई। झांसी में करवाचौथ के मौके पर वीडियो कॉल के माध्यम से चंद्रदर्शन का यह दृश्य आधुनिक तकनीक और सदियों पुरानी परंपरा के खूबसूरत मेल के रूप में सामने आया।

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