बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के 5 आसान तरीके, बिना डांटे बदलें आदत

नई दिल्ली: आजकल बच्चों का मोबाइल, टैबलेट या टीवी पर ज्यादा समय बिताना कई माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन गया है। अचानक फोन बंद कराने या छीनने पर बच्चे नाराज हो सकते हैं। ऐसे में सख्ती करने के बजाय धीरे-धीरे उनकी दिनचर्या बदलना ज्यादा आसान तरीका हो सकता है।

1. स्क्रीन टाइम का समय तय करें

बच्चे के लिए दिन में स्क्रीन देखने के दो-तीन निश्चित समय तय किए जा सकते हैं। जैसे लंच के बाद 30 मिनट या होमवर्क पूरा करने के बाद 45 मिनट। बच्चे को पहले से बता दें कि उसे स्क्रीन कब मिलेगी। इसके लिए खाने, पढ़ाई, खेलने और स्क्रीन टाइम का एक आसान टाइम-टेबल भी बनाया जा सकता है।

2. अचानक फोन न छीनें, पहले दें चेतावनी

बच्चा वीडियो या गेम देख रहा हो और अचानक स्क्रीन बंद कर दी जाए तो उसके नाराज होने की संभावना रहती है। इसलिए स्क्रीन टाइम खत्म होने से पहले उसे 10 मिनट, फिर 5 मिनट और आखिर में 2 मिनट बाकी होने की जानकारी दें। टाइमर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। साथ ही पहले से तय करें कि स्क्रीन बंद होने के बाद बच्चा क्या करेगा, जैसे बाहर खेलना या ड्राइंग करना।

3. कुछ जगहों और समय को रखें स्क्रीन-फ्री

पूरे घर में एक साथ कड़े नियम लागू करने के बजाय कुछ जगहों और समय से शुरुआत की जा सकती है। उदाहरण के लिए डाइनिंग टेबल पर फोन न इस्तेमाल करना, बेडरूम में स्क्रीन न रखना और सुबह उठने या सोने से पहले कुछ समय स्क्रीन से दूरी रखना। इन नियमों को केवल बच्चों पर लागू करने के बजाय माता-पिता भी उनका पालन करें तो बच्चों के लिए इन्हें अपनाना आसान होगा।

4. स्क्रीन के बदले मजेदार एक्टिविटी दें

सिर्फ टैबलेट या मोबाइल बंद करने के लिए कहने के बजाय बच्चे के लिए दूसरी गतिविधियां तैयार रखें। पजल, ड्राइंग, कलरिंग, ब्लॉक्स, बोर्ड गेम, गेंद खेलना और छोटी क्राफ्ट एक्टिविटी जैसे विकल्प दिए जा सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए शेप मैचिंग, बीड्स अलग करना, ड्राइंग या खिलौनों को व्यवस्थित करने जैसी गतिविधियां भी रखी जा सकती हैं।

5. प्यार और धैर्य के साथ बनाएं नई आदत

स्क्रीन टाइम कम करते समय बच्चे का नाराज होना, रोना या जिद करना हो सकता है। ऐसे समय में बच्चे की भावना को समझना जरूरी है, लेकिन तय नियम को बार-बार बदलने से बचना चाहिए। अगर हर बार रोने पर स्क्रीन टाइम बढ़ा दिया जाए तो बच्चे को यह संदेश मिल सकता है कि जिद करने से नियम बदला जा सकता है।

माता-पिता की Consistency सबसे जरूरी

बच्चे की स्क्रीन की आदत एक दिन में नहीं बदलेगी। इसके लिए नियमितता जरूरी है। तय स्क्रीन टाइम, स्क्रीन बंद करने से पहले चेतावनी और उसके बाद मजेदार गतिविधियों का विकल्प देने से धीरे-धीरे बच्चे की दिनचर्या बदली जा सकती है। सबसे अहम बात यह है कि माता-पिता खुद भी बनाए गए स्क्रीन-फ्री नियमों का पालन करें।

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