एडीजीपी वाई पूरन कुमार मामले में देश का दलित समाज कर रहा है पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग: कुमारी सैलजा

न सरकार ने और न पूरे सिस्टम ने एडीजीपी वाई पूरन कुमार की पीड़ा पर नहीं दिया ध्यान

चंडीगढ़ (ऐलनाबाद,) हरियाणा , 14 अक्तूबर ,( एम पी भार्गव ) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने एडीजीपी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में अभी तक परिवार को न्याय न मिलने पर कहा कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है, प्रदेश के सबसे स्ट्रांग आफिसर को वर्षाे से प्रताडित किया जा रहा है और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया, आज पीड़ित परिवार न्याय मांग रहा है पर सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है, देश का दलित समाज भी न्याय की मांग कर रहा है लेकिन अफसोस की बात है कि न सरकार ने और न पूरे सिस्टम ने उनकी पीड़ा पर ध्यान दिया।

यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है, प्रदेश के सबसे स्ट्रांग आफिसर को वर्षाे से प्रताड़ित किया जा रहा है और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया। आप सोचिए, एक सीनियर अफसर, जिसने पूरी ईमानदारी से अपनी सेवा दी। उसे इस हद तक मानसिक रूप से तोड़ दिया गया कि उसे लगा कि अब कोई रास्ता नहीं बचा। यह केवल एक व्यक्ति की त्रासदी नहीं है, यह पूरे तंत्र की संवेदनहीनता का उदाहरण है। उनके परिवार पर जो बीती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार जो खुद एक सीनियर आईएएस अधिकारी हैं, उनके बच्चे, पूरा परिवार आज सदमे में हैं। जिन अफसर के नाम इस पत्र में लिए गए हैं। यह वही बातें हैं, जो वह पहले भी बार-बार उठाते रहे, लेकिन अफसोस की बात है कि न सरकार ने और न पूरे सिस्टम ने उनकी पीड़ा पर ध्यान दिया। उन्हें ही बार-बार प्रताड़ित किया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई होती रही।

सांसद कहा कि एक स्वतंत्रता सेनानी का परिवार, एक आईएएस का परिवार एक आईपीएस का परिवार आज न्याय की गुहार कर रहा है पर सरकार कोई गौर तक नहीं कर रही है। पीड़ित परिवार ने एफआईआर भी दर्ज कराई है तो आरोपियों की गिरफ्तारी करने में सरकार क्यों गुरेज कर रही है। सवाल यह है कि क्या इस देश में एक सीनियर ब्यूरोक्रेट और एक आम नागरिक की आवाज का कोई मूल्य नहीं रह गया। क्या किसी अधिकारी को इंसाफ मांगने के बदले प्रताड़ना ही मिलेगी। यह बेहद शर्मनाक है कि कार्रवाई तब हुई जब परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार किया। भाजपा सरकार को इस पर जवाब देना होगा। आखिर ऐसा क्यों हुआ, क्यों बार-बार चेतावनी देने के बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। यह सरकार खुद कटघरे में खड़ी है और इसे देश के सामने जवाब देना ही होगा।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.