ईरान में बढ़ता जनआक्रोश: खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, अंतरराष्ट्रीय दबाव तेज

ईरान में बीते 13 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गए हैं। 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के दो प्रमुख बाजारों से शुरू हुआ यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमतों के विरोध में शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह पूरे देश में फैल गया। अब यह आंदोलन सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सत्ता के खिलाफ गुस्से का रूप ले चुका है।

ईरान की बिगड़ती स्थिति को लेकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ ने संयुक्त बयान जारी कर ईरानी सरकार की कड़ी आलोचना की है। तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरानी जनता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि लोग शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने मौलिक अधिकार के लिए खड़े हैं। संयुक्त बयान में ईरान से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार सुनिश्चित करने की अपील की गई, ताकि नागरिक किसी भी प्रतिशोध के डर के बिना अपनी बात रख सकें।

60 से अधिक मौतें, हालात लगातार तनावपूर्ण

ईरान के विभिन्न हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात बिगड़ने पर कई इलाकों में संचार सेवाएं बाधित कर दी गई हैं, जिससे जनता की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

खामेनेई का आरोप

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर प्रवासी विपक्षी गुटों और अमेरिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों पर तबाही मचा रहे हैं। खामेनेई ने संकेत दिए कि सुरक्षा बल अब आंदोलनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेंगे। सरकारी टीवी पर प्रसारित भाषणों और वीडियो में ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे भी सुनाई दिए।

राष्ट्र को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं और ट्रंप को अपने देश की आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

रजा पहलवी की अपील

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, यह ईरान के लोगों के लिए तुरंत मदद और कार्रवाई की अपील है।” इस अपील के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने रजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए और उनकी ईरान वापसी की मांग की। रजा पहलवी ईरान के अंतिम शाह के पुत्र हैं, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश छोड़ना पड़ा था।

ट्रंप का कड़ा संदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी शासन प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के खिलाफ हिंसा करता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और अगर लोगों को निशाना बनाया गया तो हस्तक्षेप किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम दखल देंगे।”

ईरान इस समय गंभीर आंतरिक अशांति से गुजर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति देश के नेतृत्व के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। (इनपुट: IANS हिंदी)

 

khabre junction

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.