- रिपोर्ट: जितेन्द्र ठाकुर
गाजियाबाद : गाजियाबाद दिल्ली की सीमा से सटे, पांची गांव के प्रधान पर किसानों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि गांव का प्रधान नासिर, कथित तौर पर उन्हें वहां से भगाने के लिए साजिश रच रहा है। आरोप है कि प्रधान ने जानबूझकर गांव में जल निकासी के लिए कोई नाला नहीं बनवाया है।
नाला न होने के कारण जोहड़ का गंदा पानी सड़क पार करते हुए सीधे हिंदुओं के खेतों में जा रहा है, जिससे उनकी खड़ी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि जोहड़ की आधी से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा करके एक मदरसा और एक दर्जन से अधिक दुकानें बना ली गई हैं। इन सभी दुकानों को केवल एक विशेष समुदाय के लोगों को ही किराए पर दिया जाता है।
पीड़ित किसानों ने बताया कि क्षेत्र में, बहुसंख्यक आबादी होने का फायदा उठाकर, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, ताकि वे मजबूरन अपनी जमीनें बेचकर वहां से पलायन कर जाएं।
जब इस मामले और नाले के निर्माण को लेकर ग्राम प्रधान नासिर से जानकारी ली गई, तो उन्होंने कहा कि नाले का टेंडर पास हुआ था, लेकिन नाले के रास्ते में दो लोगों के मकान आ रहे हैं। उन लोगों द्वारा विरोध किए जाने के कारण टेंडर निरस्त हो गया।
वहीं दूसरी ओर, पीड़ितों का दावा है कि यह सब जानबूझकर आपसी मिलीभगत से किया जा रहा है। जब भी नाला निर्माण की बात आती है, तो कोई न कोई विरोध करने खड़ा हो जाता है। बनवाने वाले भी प्रधान, रूकवाने के लिए प्रधान के लोग, जिसके चलते योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
पीड़ितों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर लखनऊ शासन तक अपनी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। थक-हारकर उन्होंने मीडिया के सामने अपनी दुर्दशा बयां की और न्याय की मांग की।
किसानों ने इस मामले में बागपत DM को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे सपरिवार आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
