दुर्गियाना तीर्थ में कथित डांस वीडियो पर विवाद, काली सेना ने जताया कड़ा विरोध।
जगद्गुरु स्वामी अशनील महाराज ने मंदिर समिति और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
-धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग।
-पुलिस कमिश्नर से हस्तक्षेप की अपील, कहा- कड़ी कार्रवाई से ही रुकेंगी ऐसी घटनाएं।
- रिपोर्ट: ललित शर्मा
Amritsar: श्री श्री 1008 जगद्गुरु स्वामी अशनील महाराज जी, काली सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (हरिद्वार) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि वीडियो में एक महिला कथित तौर पर श्री दुर्गियाना तीर्थ परिसर के अंदर पंजाबी गीत पर डांस करती दिखाई दे रही है, जिससे सनातन समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी अशनील महाराज ने कहा कि इस समय सावन का पवित्र महीना चल रहा है और ऐसे समय में धार्मिक स्थलों की मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल के अंदर नृत्य कर वीडियो बनाता है और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करता है, तो यह धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध है।
उन्होंने इस मामले में मंदिर समिति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह घटना हो रही थी, तब वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और प्रबंधन ने उसे तुरंत क्यों नहीं रोका। उनका कहना था कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह वीडियो वायरल नहीं होती और इस तरह का विवाद भी पैदा नहीं होता।
स्वामी अशनील महाराज ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को हर हाल में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को डांस करना या वीडियो बनानी है तो वह सार्वजनिक पार्क या किसी अन्य खुले स्थान पर ऐसा कर सकता है, लेकिन किसी भी धार्मिक स्थल का इस उद्देश्य के लिए उपयोग करना उचित नहीं है।
उन्होंने पुलिस कमिश्नर से इस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि यदि ऐसे मामलों में सख्ती दिखाई जाएगी तो भविष्य में धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग करने की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन समाज की धार्मिक आस्था का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और सभी को धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
