धर्मेंद्र भार्गव सर्वसम्मति से अखिल भारतीय भृगुवंशीय ब्राह्मण समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति, पुष्कर के अध्यक्ष मनोनीत
ऐलनाबाद/ पुष्कर, 27 जुलाई (एम पी भार्गव): अखिल भारतीय भृगुवंशीय ब्राह्मण समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति, पुष्कर की आयोजित बैठक में समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों की सर्वसम्मति से धर्मेंद्र भार्गव (निमोद) को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उनके मनोनयन पर उपस्थित समाज बंधुओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा समाजहित में उनके नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताया।
नवनियुक्त अध्यक्ष धर्मेंद्र भार्गव ने अपने संबोधन में कहा कि समाज ने एक बार फिर जो विश्वास और जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसके लिए वे सभी समाज बंधुओं के प्रति हृदय से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वे इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे तथा समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा तथा आगामी सामूहिक विवाह सम्मेलन की तिथि घोषित कर तैयारियां प्रारंभ की जाएंगी। उनका उद्देश्य समाज को अधिक संगठित, सशक्त एवं सक्रिय बनाते हुए समाजहित के कार्यों को नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि समाज का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और वे सभी समाजजनों को साथ लेकर पारदर्शी एवं सकारात्मक कार्यशैली के साथ आगे बढ़ेंगे।
धर्मेंद्र भार्गव ने राजस्थान के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से पधारे सभी समाज बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन, युवाओं का सहयोग तथा सभी सदस्यों की एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से सामूहिक विवाह सम्मेलन को भव्य एवं सफल बनाया जाएगा और समाजहित की विभिन्न योजनाओं को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर गोपाल पंडित, नंदकिशोर भार्गव, नेमीचंद जोशी, जेठाराम भार्गव, सत्यवान भार्गव, सतपाल भार्गव, सोहनलाल बोरुंदा, प्रकाश भार्गव, सत्यनारायण भार्गव, बुद्ध प्रकाश, शंकरलाल, अनिल भार्गव, राजकुमार भार्गव, सुरेश भार्गव, भगवती चरण सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित रहे।
अंत में नवनियुक्त अध्यक्ष धर्मेंद्र भार्गव ने सभी समाजजनों का पुनः धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
