स्टे पर बुलडोज़र? 84 बीघा तालाब में बवाल

  • रिपोर्ट: पंकज झां

वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित 84 बीघा तालाब में चल रहे विकास कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने कार्य की वैधता पर गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित भूमि पर अपना दावा जताया है। किसानों का आरोप है कि जिस जमीन पर कार्य कराया जा रहा है, वह न्यायिक विवाद के दायरे में है और उस पर हाईकोर्ट का स्टे आदेश लागू है। इसके बावजूद कार्य लगातार जारी रखा गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से संबंधित भूमि का नियमित लगान जमा करते आ रहे हैं और उनके पास इसकी रसीदें भी मौजूद हैं। आरोप है कि जब किसानों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्टे ऑर्डर और लगान की रसीदें दिखाईं, तब भी कार्य नहीं रोका गया। इससे लोगों में प्रशासन और कार्यदायी संस्था के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

विवाद उस समय और गहरा गया जब ग्रामीणों ने टेंडर लेने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर मौजूद एक कर्मचारी ने कथित रूप से कहा कि वह हाईकोर्ट के स्टे आदेश को नहीं मानता। इस कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद क्षेत्र में जनाक्रोश और बढ़ गया है।

ग्रामीणों और किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर कार्य कराया जा रहा है तो यह कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। लोगों की निगाहें अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं, प्रशासन और संबंधित कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति क्या निकलकर सामने आती है और प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।

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