BJP Nasha Mukt Punjab Yatra 2026: नशे के खिलाफ नायब सरकार का स्पष्ट संदेश, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नशा मुक्त पंजाब यात्रा में शामिल हुए।
BJP Nasha Mukt Punjab Yatra 2026 ( डॉ एम पी भार्गव ): आज 21 सितंबर को तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब से यात्रा के चौथे चरण को रवाना किया जाना है। यह यात्रा पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाली भाजपा की चार यात्राओं का हिस्सा है।
गुरुओं की पावन धरती से शुरू होने वाली यह यात्रा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने और समाज को जागरूक करने का जनसंकल्प है।
पंजाब की पहचान प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के “किरत करो, नाम जपो, वंड छको” के महान संदेश से है। पंजाब की इसी गौरवशाली परंपरा और नौजवानों के भविष्य की रक्षा के लिए नशे के खिलाफ सामाजिक जागरण आवश्यक है।
नशे पर सवाल- राजनीति नहीं, जवाबदेही जरूरी
मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है—नशे जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं, समाधान चाहिए।
हमारी लड़ाई नशे के पीड़ित व्यक्ति से नहीं, नशे के सौदागरों और तस्करी के नेटवर्क से है।
2025 में देशभर में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े 305 मामले दर्ज हुए, जिनमें 298 मामले पंजाब से संबंधित बताए गए हैं। यह आंकड़ा सीमा-पार तस्करी की चुनौती की गंभीरता को सामने रखता है।
NCRB के 2024 के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में ड्रग ओवरडोज से 106 मौतें दर्ज हुईं, जबकि 2023 में यह संख्या 89 थी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत 100 सप्ताह का राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है।
हरियाणा में भी इस अभियान के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 2 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में 3,200 से अधिक युवाओं ने नशामुक्त भारत का संकल्प लिया।
हरियाणा सरकार की सोच स्पष्ट है- नशे की सप्लाई पर कठोर प्रहार और युवाओं के भविष्य पर पूरा ध्यान।
युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना नशामुक्त समाज की दीर्घकालीन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पंजाब के युवाओं से सीधा संवाद
पंजाब सरकार से सवाल होना स्वाभाविक है कि इतने वर्षों के प्रयासों और दावों के बावजूद नशे की समस्या गांव-गांव तक क्यों दिखाई दे रही है?
पंजाब के मुख्यमंत्री से यह भी पूछा जाना चाहिए कि युवाओं और महिलाओं से किए गए वादों के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति क्या है?
इसके विपरीत हरियाणा में भाजपा सरकार ने महिलाओं से किए गए ₹2,100 प्रतिमाह के वादे को लागू किया है। हरियाणा सरकार के अनुसार 10 लाख महिलाओं को यह सहायता मिल रही है और ₹2,000 करोड़ की राशि खातों में भेजी जा चुकी है। इसलिए तुलना केवल भाषणों की नहीं, नीतियों और उनके जमीन पर क्रियान्वयन की होनी चाहिए।
किसान और युवा—दोनों पर फोकस
हरियाणा में भावांतर भरपाई योजना के माध्यम से किसानों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से राहत देने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार के अनुसार सब्जियों और आलू आदि को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
युवाओं के लिए हरियाणा सरकार का दृष्टिकोण केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है—कौशल, उद्योग, निवेश और अंतरराष्ट्रीय अवसर भी रोजगार के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
“हमारा प्रयास है कि हरियाणा के युवाओं को विदेश जाने के लिए सुरक्षित, वैध और सम्मानजनक अवसर मिलें, ताकि वे अवैध रास्तों और मानव तस्करी के जोखिम से बचें।”
@ “नशे के खिलाफ लड़ाई किसी पार्टी की लड़ाई नहीं—यह पंजाब के हर परिवार और हर नौजवान के भविष्य की लड़ाई है। भाजपा का संकल्प साफ है—पीड़ित को इलाज, परिवार को सहयोग, नौजवान को अवसर और नशे के सौदागर को कानून के शिकंजे में लाना।”
@ “हरियाणा ने विकास और जनकल्याण के साथ नशामुक्ति की दिशा में जो अभियान शुरू किया है, उसी सकारात्मक सोच को पंजाब में भी जनआंदोलन बनाने का संकल्प है।”
@ “पंजाब को नारे नहीं, नशामुक्त नौजवान चाहिए, राजनीति नहीं, परिणाम चाहिए और डर नहीं, अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य का भरोसा चाहिए।”
