Chhath Mahotsav: 33वें विशाल छठ महोत्सव की तैयारियां तेज, 13 नवंबर से शुरू होगा चार दिवसीय आयोजन

33rd Grand Chhath Mahotsav (एम पी भार्गव): नवयुवक संघ सेवा समिति की ओर से 13 नवंबर से 16 नवंबर तक 33वें विशाल छठ महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। समिति के सदस्यों ने आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं और कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाने का काम तेजी से किया जा रहा है।

समिति के प्रवक्ता कैलाश चंद्र ने बताया कि चार दिवसीय छठ महोत्सव की शुरुआत 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ होगी। इस दिन व्रती महिला एवं पुरुष स्नान कर शुद्धता के साथ व्रत की शुरुआत करेंगे। इसके बाद 14 नवंबर को खरना मनाया जाएगा। खरना के दिन व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को गुड़ की खीर, रोटी एवं केले का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के महाव्रत का संकल्प लेंगे।

Kumari Selja: वायु प्रदूषण पर कुमारी सैलजा ने जताई चिंता, बोलीं- जनता को स्वच्छ हवा देना सरकारों की जिम्मेदारी

Chhath Mahotsav: छठ मैया की भव्य झांकी

कैलाश चंद्र ने बताया कि 15 नवंबर को दोपहर 3 बजे एफसीआई गोदाम के पास स्थित कार्यक्रम स्थल पर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें छठ मैया, भगवान सूर्य और अन्य देवी-देवताओं के मनमोहक स्वरूप देखने को मिलेंगे।

इसके बाद शाम को व्रती महिला एवं पुरुष श्रद्धालु नहर के घाट पर पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस दौरान पूरा घाट छठ मैया के गीतों और भजनों से भक्तिमय हो उठेगा।

Chhath Mahotsav: विशाल जागरण, भोजपुरी कलाकार आगमन

15 नवंबर की रात को विशाल जागरण का आयोजन किया जाएगा। इसमें पीलीबंगा से लक्ष्मण मेहरा, समस्तीपुर से राजेश कुमार और भानु सिंह राठौड़ छठ मैया के भजनों की प्रस्तुति देंगे।

इसके अलावा भोजपुरी कलाकार अमरकांत मिश्रा भी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचेंगे और अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

Chhath Mahotsav: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा समापन

16 नवंबर को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा। इसके बाद व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर साफ-सफाई, पेयजल, बैठने और प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग भी लिया जा रहा है।

समिति ने सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने और आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.