11 महीने बाद जेल से बाहर आए Azam Khan और अब्दुल्लाह आजम, गेट पर ED ने लिया हिरासत में; बेटे का छलका दर्द
Abdullah Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम शनिवार को करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से बाहर आए। हालांकि, आजम खान की रिहाई के बाद जेल के गेट पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया। इसके बाद ED की टीम उन्हें अपने साथ गाजियाबाद ले गई। वहीं, अब्दुल्लाह आजम सफेद कार से घर के लिए रवाना हुए।
जेल से बाहर आने के बाद अब्दुल्लाह आजम का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। रास्ते में समर्थकों की भारी भीड़ देखकर वह कार की सनरूफ से बाहर आए और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने समर्थकों से हाथ मिलाया और वहां मौजूद लोगों का धन्यवाद किया। इस दौरान आजम खान और अब्दुल्लाह आजम जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे। समर्थकों ने ‘शेर आया, शेर आया, फिर लौटकर शेर आया’ के नारे भी लगाए।
‘Azam Khan को उनके ख्वाब की सजा मिल रही है’
समर्थकों की भीड़ के बीच अब्दुल्लाह आजम भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आजम को उनके ख्वाब की सजा मिल रही है। हमें हमारे नाम की सजा मिल रही है। हमारा नाम अगर आजम, अब्दुल्लाह न होता, तो शायद सब ठीक रहता।”
उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि सभी का दिल दुखी है, लेकिन आजम खान कल भी आजम थे, आज भी आजम हैं और हमेशा आजम ही रहेंगे। अब्दुल्लाह ने आरोप लगाया कि आजम खान की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने रामपुर में बच्चों की शिक्षा के लिए इंतजाम किए और शहर में विश्वविद्यालय बनाने का सपना देखा।
Azam Khan ने आठ साल की कानूनी लड़ाई का दर्द बयां किया
अब्दुल्लाह आजम ने अपनी और परिवार की कानूनी लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों में उनके परिवार को भैंस, बकरी और मुर्गी चोरी जैसे मामलों में दोषी बनाया गया। उन्होंने अपनी जन्मतिथि से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पास जन्म का वीडियो साक्ष्य, अस्पताल का रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही आशंका जताई कि आने वाले समय में आजम खान को दूसरे मामलों में भी सजा सुनाई जा सकती है। अब्दुल्लाह ने अपने बयान में परिवार के साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनका नाम आजम खान और अब्दुल्लाह आजम नहीं होता तो शायद उनके साथ ऐसा नहीं होता।
ED की टीम और Azam Khan के बीच हुई बहस
उधर, रामपुर जेल से बाहर आते ही ED की टीम ने आजम खान को अपने साथ ले जाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान आजम खान और टीम के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस हुई। इसके बाद ED की टीम उन्हें गाड़ी में बैठाकर गाजियाबाद रवाना हो गई। बताया गया कि मामला जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस का है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रामपुर में समर्थकों की भीड़ जुटी रही। एक तरफ अब्दुल्लाह आजम के स्वागत में नारेबाजी होती रही, तो दूसरी तरफ आजम खान को ED की टीम अपने साथ लेकर चली गई। जेल से रिहाई, समर्थकों का स्वागत और अब्दुल्लाह आजम के भावुक बयान के वीडियो अब चर्चा में हैं।
