टीएमसी में बगावत का माहौल, एक दिन पार्टी में सिर्फ ममता और अभिषेक ही बचेंगे: शाहनवाज हुसैन

  • रिपोर्ट: सुरजीत सिंह

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने नीति आयोग की बैठक को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और उनके कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में भविष्य की विकास योजनाओं और अधूरी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति पर चर्चा होगी। उनके अनुसार, कई परियोजनाएं अभी अपने लक्ष्य से पीछे हैं, जिन्हें गति देने और विकास कार्यों को तेज करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस में कथित अंदरूनी कलह पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता का गुस्सा अभी भी टीएमसी के खिलाफ बना हुआ है और पार्टी के कई विधायक तथा सांसद नेतृत्व को लेकर नाराज हैं।

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उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में बगावत जैसी स्थिति बन चुकी है और आने वाले समय में पार्टी और कमजोर हो सकती है। शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब पार्टी में केवल ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ही रह जाएं और बाकी नेता संगठन छोड़ दें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों नेताओं की राजनीतिक विश्वसनीयता लगातार कम हुई है।

कर्नाटक की राजनीति में जारी उठापटक पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की जनता राजनीतिक अस्थिरता से परेशान है। उनके अनुसार, सत्ताधारी नेताओं का ध्यान जनहित और विकास के बजाय सत्ता संघर्ष पर अधिक केंद्रित है।

मध्य प्रदेश से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने के मामले पर भी शाहनवाज हुसैन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को अपने नामांकन पत्र में सभी आवश्यक जानकारियां सही और पूर्ण रूप से देनी चाहिए थीं। उनका कहना था कि यदि कोई महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई है तो रिटर्निंग अधिकारी द्वारा लिया गया निर्णय नियमों के तहत माना जाएगा।

उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन एक शिक्षित और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उन्हें नामांकन प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए थी।

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