नई दिल्ली। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 21 जून को होने वाली नीट री-टेस्ट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए किए गए सख्त इंतजाम सराहनीय हैं, लेकिन इससे छात्रों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अन्नामलाई ने परीक्षा के लिए लागू की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के जरिए प्रश्नपत्रों की एयरलिफ्टिंग, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ की दोहरी सुरक्षा, एआई आधारित निगरानी, चार-स्तरीय सीसीटीवी सिस्टम, बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय जांच और तलाशी प्रक्रिया के साथ परीक्षा अवधि को 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है, जिससे पहले से तनाव में रहने वाले छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
अन्नामलाई ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए कहा कि उसका उद्देश्य परीक्षा संबंधी तनाव को कम करना था, लेकिन मौजूदा व्यवस्था उस लक्ष्य के विपरीत दिखाई देती है।
उन्होंने यह भी कहा कि इतनी व्यापक तैयारियों के बावजूद कई छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने भरोसा दिलाया है कि इन तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
अन्नामलाई ने आशंका जताई कि नीट री-टेस्ट के लिए अपनाई गई मौजूदा रणनीति पेपर लीक जैसी समस्या को पूरी तरह खत्म करने के बजाय नई चुनौतियां पैदा कर सकती है।
