कानपुर में घर में खड़ी एम्बुलेंस का ₹5 हजार का ई-चालान, दिव्यांग वाहन स्वामी ने यातायात व्यवस्था पर उठाए सवाल
कानपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कानपुर यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। काकादेव थाना क्षेत्र के विजय नगर निवासी एक दिव्यांग वाहन स्वामी ने आरोप लगाया है कि उनके घर में खड़ी एम्बुलेंस का परिवहन विभाग ने ₹5,000 का ई-चालान कर दिया, जबकि वाहन उस समय सड़क पर संचालित ही नहीं हो रहा था।
पीड़ित के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को वैध फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं होने के आधार पर उनकी एम्बुलेंस का ₹5,000 का ई-चालान जारी किया गया। उनका दावा है कि जिस समय चालान बनाया गया, उस समय एम्बुलेंस उनके घर पर खड़ी थी और उसका कहीं भी संचालन नहीं किया जा रहा था।
पीड़ित ने सवाल उठाया कि जब वाहन सड़क पर चला ही नहीं, तो “वाहन संचालन” का आरोप लगाकर चालान किस आधार पर किया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए ई-चालान प्रणाली की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं।
दिव्यांग वाहन स्वामी ने बताया कि वर्ष 2025 में एक सड़क दुर्घटना में उनका एक पैर कट गया था और एक हाथ भी गंभीर रूप से प्रभावित होने के कारण वह दिव्यांग हो चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में भी उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
पीड़ित ने नाराजगी जताते हुए कहा, “अगर लूटना ही है तो घर में आकर लूट लो, कानून का सहारा लेकर क्यों परेशान किया जा रहा है?”
इस घटना के बाद ई-चालान प्रणाली की सटीकता और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इस मामले में परिवहन विभाग या यातायात पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
