- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। चारदीवारी निर्माण को लेकर हुए विवाद में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित को अदालत से जमानत मिल गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के ठठरा निवासी हरिओम सिंह को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें एवं निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव एवं अधिवक्ता नरेश यादव ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, ठठरा निवासी रीता सिंह ने मिर्जामुराद थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उनकी बेटी का विवाह नवंबर 2026 में होना है। आर्थिक तंगी के कारण वह अपने हिस्से की जमीन बेचना चाहती थीं। इसी उद्देश्य से 7 जुलाई 2026 को वह अपनी जमीन पर चारदीवारी का निर्माण कराने पहुंची थीं।
आरोप है कि दोपहर करीब 2 बजे पड़ोसी उमेश कुमार सिंह तथा उनके पुत्र शिवम सिंह और हरिओम सिंह लाठी-डंडों और अवैध असलहे के साथ वहां पहुंचे और हमला करने का प्रयास किया। रीता सिंह के घर में घुसने पर आरोपित भी अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की।
शिकायत के अनुसार, बीच-बचाव करने पहुंचे रीता सिंह के देवर प्रदीप सिंह, उनके साले विनय कुमार तथा पुत्र सत्यम सिंह पर भी हमला किया गया। आरोप है कि धारदार हथियार से किए गए वार में प्रदीप सिंह और विनय कुमार के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि सत्यम सिंह के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के बाद शिवम सिंह और हरिओम सिंह फोन पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते रहे। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर हरिओम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब अदालत ने उन्हें निर्धारित शर्तों के साथ जमानत प्रदान कर दी है।
