Azam Khan ED Arrest Case: आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 16 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
Rampur Azam Khan ED Arrest Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिवाली की छुट्टियों के बाद 16 नवंबर को मामले की सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि आजम खान की उम्र 70 से 78 वर्ष के बीच है और उनके खिलाफ 28 मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 की एक कथित घटना को लेकर वर्ष 2019 में एफआईआर दर्ज की गई। कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले आजम खान को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने शीर्ष अदालत से मामले में अंतरिम राहत देने की मांग की।
Azam Khan: ED ने 31 अक्टूबर को किया था आजम खान को गिरफ्तार
गौरतलब है कि दोहरे पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत मिलने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने 31 अक्टूबर 2026 को आजम खान को गिरफ्तार कर लिया था।
ईडी ने यह कार्रवाई जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की थी। आजम खान को रामपुर जिला जेल के बाहर से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं।
Azam Khan: अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब आजम खान की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। 16 नवंबर की सुनवाई में उनकी गिरफ्तारी और अंतरिम राहत की मांग से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है और उन्हें हाईकोर्ट की सुनवाई का इंतजार करना होगा।
