Food Adulteration: मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई करें, त्योहारों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी
Rampur Food Adulteration: आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति में आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न होने दिया जाए।
जिलाधिकारी ने मिठाई विक्रेताओं को निर्देश दिए कि दुकानों पर बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों पर उनके निर्माण की तिथि के साथ यूज्ड बाय डेट (उपयोग की अंतिम तिथि) स्पष्ट रूप से अंकित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को मिठाई की गुणवत्ता और उपयोग की अवधि की जानकारी मिल सके। उन्होंने खुले में नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश सहायक आयुक्त खाद्य को दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर नमूने लिए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और मिलावट की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

Food Adulteration: 31 अक्टूबर तक 406 खाद्य नमूने लिए
बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधिप्रशासन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अक्टूबर 2026 तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। विभाग द्वारा इस अवधि में 1,313 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया तथा 161 छापे डालकर कुल 406 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। इनमें 194 विधिक और 212 सामान्य नमूने शामिल हैं।
प्रयोगशाला से प्राप्त 179 जांच रिपोर्टों में 79 नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
Food Adulteration: दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर भी विशेष नजर
दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 अक्टूबर तक 167 निरीक्षण किए गए तथा 42 छापे डालकर 42 नमूने संग्रहित किए गए। प्राप्त 32 जांच रिपोर्टों में 18 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस संबंध में 23 वाद न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में दायर किए गए। वहीं 15 वादों में कुल 2 लाख 55 हजार रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस एवं पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित है। जनपद में अब तक कुल 1,498 लाइसेंस तथा 10,426 पंजीकरण जारी किए जा चुके हैं।
Food Adulteration: जिलाधिकारी की आमजन से अपील
जिलाधिकारी ने खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि मिलावट से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इस तरह की लापरवाही करने वालों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता और उपयोग की अंतिम तिथि अवश्य देखें। कहीं भी मिलावट या अस्वच्छ खाद्य सामग्री की बिक्री दिखाई देने पर संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट सालिक राम, सीओ सिटी, सहायक आयुक्त खाद्य सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी सहित स्वयंसेवी संगठन के पदाधिकारी एवं खाद्य व्यापारी मौजूद रहे।

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