Census 2027 Rampur: डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने जनगणना-2027 प्रशिक्षण का किया निरीक्षण, प्रगणकों को दिए निर्देश
Census 2027 Rampur: जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी तेज कर दी है। बुधवार को जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने राजकीय पॉलिटेक्निक में चल रहे जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों और सुपरवाइजरों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और तैयारियों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके माध्यम से देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र की जाती हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसलिए जनगणना में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और जनगणना कर्मियों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता से लें और जनगणना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को अच्छी तरह समझें। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान घर-घर जाकर परिवारों से संपर्क करना होगा। ऐसे में लोगों को जनगणना के उद्देश्य और महत्व की जानकारी सरल भाषा में दी जाए, ताकि वे स्वेच्छा से सही जानकारी उपलब्ध करा सकें।

Census 2027: डिजिटल जनगणना में स्व-गणना की भी मिलेगी सुविधा
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है। इसमें नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी।
उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और अपने परिवार से संबंधित सभी जानकारियां सही-सही दर्ज करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित कार्य एक दिसंबर 2026 से शुरू होना प्रस्तावित है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जनगणना कर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों का सहयोग भी आवश्यक है।
Census 2027: सटीक आंकड़ों से तैयार होंगी भविष्य की विकास योजनाएं
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना में दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी राष्ट्रीय महत्व रखती है। इसलिए कोई भी आंकड़ा जल्दबाजी या लापरवाही में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। प्रगणक प्रत्येक परिवार से विनम्रतापूर्वक बातचीत करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सही आंकड़े एकत्र करें।
उन्होंने सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ प्रगणकों के कार्यों में सहयोग करें और प्रशिक्षण एवं जनगणना के दौरान आने वाली समस्याओं का समय से समाधान सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की विकास योजनाओं को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सहयोग करना चाहिए, ताकि जनगणना-2027 का कार्य सफलतापूर्वक और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जा सके।
