Paddy Procurement In District Mandis: ऐलनाबाद में उठान प्रक्रिया तेज, जिले की मंडियों में 2530 मीट्रिक टन धान की खरीद

Paddy Procurement Haryana ( एम पी भार्गव ): सिरसा जिला की विभिन्न अनाज मंडियों में खरीफ विपणन सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की सरकारी खरीद जारी है। अब तक जिला की मंडियों में कुल 2530 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खरीद एजेंसियों द्वारा फसल की खरीद के साथ-साथ मंडियों से धान का उठान भी तेजी से किया जा रहा है। इससे मंडियों में पहुंच रहे किसानों की फसल का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह ने खरीद संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत धान की खरीद की जा रही है। अब तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सबसे अधिक 1653 मीट्रिक टन धान खरीदा है। वहीं, हैफेड द्वारा 744 मीट्रिक टन तथा हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 133 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इस प्रकार तीनों एजेंसियों की ओर से कुल 2530 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है।

ये भी पढ़ें- जिला सिरसा, जहां सरकार में भागीदारी का न होना पड़ रहा है भारी; घग्गर नदी मचा सकती है प्रलय

Paddy Procurement Haryana: डबवाली मंडी में सबसे अधिक 671 मीट्रिक टन खरीद

जिला की प्रमुख अनाज मंडियों में भी धान की खरीद जारी है। हरवीर सिंह के अनुसार, डबवाली अनाज मंडी में अब तक 671 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है। इसके अलावा कालांवाली मंडी में 559 मीट्रिक टन, देसूजोधा मंडी में 305 मीट्रिक टन, रोड़ी मंडी में 218 मीट्रिक टन तथा ऐलनाबाद मंडी में 104 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। जिला की अन्य मंडियों में भी किसान अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं और आवक लगातार जारी है।

Paddy Procurement Haryana: किसानों से सूखा धान मंडी में लाने की अपील

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक हरवीर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी धान की फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडियों में लेकर आएं। इससे खरीद प्रक्रिया के दौरान होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी और फसल की बिक्री सुचारु रूप से हो सकेगी।

उन्होंने किसानों से मंडी में फसल लाने से पहले उसकी गुणवत्ता और नमी का ध्यान रखने का आग्रह किया। प्रशासन और खरीद एजेंसियों की ओर से खरीद तथा उठान प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मंडियों में आने वाली फसल का व्यवस्थित तरीके से प्रबंधन किया जा सके।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.