Amritpal Singh Gumtala Amritsar: अमृतसर के गुमटाला में अमृतपाल सिंह के समर्थन में जुटी भीड़, माता बलविंदर कौर ने नशे और बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा उठाया
पंजाब की सियासत में नशे का मुद्दा गरमाया, शमशेर सिंह पधरी ने अकाली दल, कांग्रेस और आप पर साधा निशाना
Amritpal Singh Gumtala Amritsar: पंजाब के विधानसभा क्षेत्र अमृतसर पश्चिमी के अंतर्गत आते गांव गुमटाला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारी जनसैलाब उमड़ा। खडूर साहिब से सांसद भाई अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के अमृतसर जिला प्रधान शमशेर सिंह पधरी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं और माताओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पंजाब में बढ़ते नशे के प्रकोप, बंदी सिंहों की रिहाई और मौजूदा राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली पर खुलकर अपने विचार रखे और तीखे प्रहार किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर ने कहा कि आज पंजाब की हर मां नशे के कारण अपने बेटों के भविष्य को लेकर बेहद दुखी और चिंतित है। उन्होंने कहा कि गुमताला में जुटी महिलाओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि लोग बदलाव चाहते हैं। माता बलविंदर कौर ने कहा, “हमारा मुख्य एजेंडा पंजाब से नशा पूरी तरह खत्म करना और वर्षों से जेलों में बंद उन बंदी सिंहों की रिहाई सुनिश्चित करना है, जो अपनी तय सजा से दो से तीन गुना अधिक समय जेलों में काट चुके हैं।” उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अकाली दल ने 25 साल राज किया, कांग्रेस सत्ता में रही और आम आदमी पार्टी को भी कई साल हो गए, लेकिन किसी ने नशा खत्म नहीं किया। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह ने पहले भी जमीनी स्तर पर युवाओं का नशा छुड़वाकर दिखाया था, इसलिए पंजाब की जनता को केवल उन्हीं पर भरोसा है।

वहीं, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के अमृतसर प्रधान शमशेर सिंह पधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा निकाली जा रही नशा विरोधी यात्रा पर कड़ा रुख अपनाया। पधरी ने इसे 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर रचा गया एक राजनीतिक स्टंट और ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर तक का इलाका केंद्रीय सुरक्षा बलों के दायरे में आता है। जब सीमा सुरक्षा, तकनीक और सारी ताकत केंद्र सरकार के हाथ में है, तो फिर सरहद पार से ड्रोन के जरिए भारी मात्रा में नशा पंजाब में कैसे पहुंच रहा है?
पधरी ने आगे कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब की कसम खाई थी और अरविंद केजरीवाल ने कुछ ही महीनों में नशा समाप्त करने का दावा किया था, लेकिन ये सभी वादे खोखले साबित हुए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में केवल भाई अमृतपाल सिंह ही हैं जिन्होंने असल मायने में नशा मुक्ति के लिए ठोस काम करके दिखाया है। 2027 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता अब जागरूक हो चुकी है और आने वाले समय में अमृतपाल सिंह बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे।
