Badaun: जिले के वेदों टोला निवासी और शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध कलाकार उस्ताद इफ्तिखार हुसैन साहब का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से संगीत प्रेमियों, प्रशंसकों और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। संगीत जगत से जुड़े लोगों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
उस्ताद इफ्तिखार हुसैन सहसवान-रामपुर और ग्वालियर घराने की समृद्ध संगीत परंपरा से जुड़े थे। वह प्रसिद्ध संगीतकार उस्ताद नासिर हुसैन खान के पुत्र थे। उनके परिवार की संगीत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान रही है। उनके पिता को पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा चुका है।
उस्ताद इफ्तिखार हुसैन को भी संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए थे। शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ वह सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनका विशेष लगाव था। वह हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बदायूं क्लब पहुंचते थे और पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते थे।
उस्ताद इफ्तिखार हुसैन के पुत्र मुजतबा हसन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध सितार वादक हैं। उन्होंने देश-विदेश में अपनी कला का प्रदर्शन कर भारतीय शास्त्रीय संगीत और हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है।
उस्ताद इफ्तिखार हुसैन के निधन से बदायूं सहित संगीत जगत में गहरा शोक है। संगीत प्रेमियों और उनके प्रशंसकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
