- रिपोर्ट: शाहबाज़ खान
देशभर में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर बहस जारी है। एक ओर सरकार का दावा है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से न तो वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और न ही माइलेज में कमी आती है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कुछ वाहन मालिक इसके विपरीत अनुभव साझा कर रहे हैं।
हाल ही में उत्तराखंड के चर्चित यूट्यूबर सौरभ जोशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपनी पत्नी के साथ मर्सिडीज कार में सफर करते हुए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में सौरभ जोशी दावा करते हैं कि पहले उनकी कार 15 से 17 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देती थी, जबकि अब यह घटकर करीब 9 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया है। सफर के दौरान वह यह भी कहते हैं कि एक समय कार का माइलेज 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक पहुंच गया, जिससे उन्हें वाहन की कार्यक्षमता को लेकर चिंता होने लगी।
यूट्यूबर ने वीडियो में यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण उन्हें अब पेट्रोल भरवाने में डर लगता है कि कहीं वाहन खराब न हो जाए। इसी वजह से उन्होंने इलेक्ट्रिक जी-वैगन खरीदने की बात भी कही और दावा किया कि उसे चार्ज करने के बाद करीब 500 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।
इससे पहले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप भी अपनी टोयोटा कार को लेकर ऐसा ही दावा करते हुए वीडियो साझा कर चुके हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल आधुनिक वाहनों के लिए सुरक्षित है और इससे वाहन के प्रदर्शन या माइलेज पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ता। ऐसे में इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
