21,22 व 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन, आपसी सहमति से होंगे मामलों के निपटारे

ऐलनाबाद,29 जून(एम पी भार्गव) भारत के माननीय सर्वाेच्च न्यायालय ने अपने समक्ष लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘समाधान समारोह’ नामक एक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का त्वरित और आपसी सहमति से निपटारा सुनिश्चित करना है। यह अभियान 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है और इसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संतोष बगोतिया ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान विभिन्न मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होने की उम्मीद है, बल्कि लोगों को शीघ्र और संतोषजनक न्याय भी प्राप्त हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह अभियान न्याय को जन-जन तक सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने की परिकल्पना पर आधारित है, जहां पारंपरिक अदालती प्रक्रिया के बजाय संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाएगा। सर्वाेच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में यह पहल देशभर के न्यायालयों, विधिक सेवा प्राधिकरणों, अधिवक्ताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास से संचालित की जा रही है।
इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति तैयार की गई है। लंबित मामलों की सूची तैयार कर पक्षकारों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें प्री-लोक अदालत सुलह बैठकों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थों और काउंसलरों की सहायता से विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.