- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना शनिवार शाम उस समय हुई थी, जब अभिषेक बनर्जी चुनाव बाद हिंसा में मारे गए एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस के अनुसार, सोनारपुर थाने की टीम ने रातभर अभियान चलाकर घटना से जुड़े वीडियो फुटेज की जांच की। जांच के आधार पर छह आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश गायेन, काजल दास, तपन माइती, देबाशीष दत्ता, जॉय सेनगुप्ता (निर्मल्या सेनगुप्ता) सहित एक अन्य व्यक्ति शामिल है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, हमला, गैरकानूनी जमावड़ा, रास्ता रोकने और गाली-गलौज जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी सोनारपुर के वार्ड नंबर 9 के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कुछ लोग पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए थे, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना की साजिश में और कौन-कौन शामिल था। क्षेत्र में पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तपन माइती और जॉय सेनगुप्ता का संबंध पूर्व टीएमसी विधायक लवली मैत्रा के करीबी सहयोगियों से बताया जा रहा है। वहीं काजल दास और देबाशीष दत्ता भी पूर्व विधायक के समर्थक माने जाते हैं। आकाश गायेन की मां ने भी स्वीकार किया है कि उनका बेटा लंबे समय तक टीएमसी से जुड़ा रहा और चुनाव के दौरान पार्टी की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाता था।
इसी बीच, टीएमसी के एक अन्य सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार और हमले की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और कथित रूप से धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
