ऐलनाबाद, 22 अप्रैल ( एम पी भार्गव ): पशुपालन को सुरक्षित और जोखिम मुक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के लाभार्थियों सहित पशुपालकों को पशुओं की मृत्यु से होने वाले नुकसान के जोखिम से वित्तीय सुरक्षा रियायती प्रीमियम दरों पर प्रदान की जाती है, जिससे आकस्मिक नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
इस योजना की खास बात यह है कि पशुपालक अपने बड़े पशुओं का बीमा उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता के अनुसार मात्र 100 से 300 रुपये प्रीमियम देकर करवा सकते हैं, जबकि छोटे पशुओं के लिए यह प्रीमियम सिर्फ 25 रुपये निर्धारित किया गया है। इतना ही नहीं, अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है, जिससे कमजोर वर्ग के लोगों को विशेष राहत मिल रही है।
इसके साथ ही, पशुपालकों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दुर्घटना बीमा योजना में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों को प्रति पहचान पत्र 5 पशुओं तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 10 कर दिया गया है। छोटे पशुओं की गणना के हिसाब से यह संख्या 100 तक हो सकती है। इस फैसले से पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
इस प्रकार की योजनाएं न केवल पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती हैं, बल्कि प्रदेश में डेयरी व्यवसाय को भी बढ़ावा देती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए यह योजना किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित कर रही है।
