रामपुर में 23,735 से अधिक गरीब परिवारों को मिली पक्की छत, डीएम की निगरानी से साकार हो रहा संकल्प

पीएम और सीएम आवास योजना का कमालः शहरी क्षेत्र में 23,313 तो ग्रामीण इलाकों में 422 आवास बनकर तैयारआवास योजना 2.0 ने पकड़ी रफ्तारः 3,646 लाभार्थियों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक पहुंचा पैसा

दशकों से टूटे-फूटे कच्चे मकानों और तिरपाल के नीचे झुग्गी-झोपड़ियों में जीवन गुजारने वाले रामपुर के हजारों गरीब परिवारों का अपने पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल चुका है। रामपुर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के कुशल निर्देशन और निरंतर मॉनिटरिंग के चलते जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सफलता के नए आयाम गढ़ रही हैं। प्रशासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली का ही सुखद परिणाम है कि जिले में अब तक 23,735 से अधिक (शहरी व ग्रामीण मिलाकर) आवासों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। डीएम की सख्त निगरानी के कारण बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म हो गया है और योजना का सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगों तक पहुंच रहा है। वहीं, योजना 2.0 के तहत तेजी से काम करते हुए 3,646 लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा पहुंचाया जा चुका है।

डीएम की सख्त मॉनिटरिंग से आई पारदर्शिता और ग्रामीण इलाकों में बदलाव

रामपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के सख्त निर्देशों और खंड विकास अधिकारियों व ग्राम पंचायत सचिवों की जमीनी स्तर पर सघन मॉनिटरिंग के चलते जिले में कच्चे मकान अब समाप्ति की कगार पर हैं। ग्रामीण इलाकों के लिए शासन से 479 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष 422 परिवारों का पक्के घर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इस योजना के तहत विशेष रूप से 18 से 50 वर्ष की निराश्रित महिलाओं और दिव्यांग जनों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है। अधिकारियों की मुस्तैदी का ही परिणाम है कि जिले में एक भी ऐसा मामला सामने नहीं आया जहां लाभार्थी ने पैसा लेकर मकान न बनाया हो।

पीएम आवास से संवर रहा शहरी गरीबों का जीवन

शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना एक बड़ा वरदान साबित हुई है। प्रभारी पीओ डूडा व डिप्टी कलेक्टर प्रतीत त्रिपाठी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में कुल 23,893 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 23,313 लाभार्थियों ने अपने पक्के मकान का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इन लाभार्थियों को 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तीन आसान किस्तों (एक लाख, एक लाख और 50 हजार रुपये) में सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। प्रशासन द्वारा उन गरीब परिवारों को विशेष रूप से लाभान्वित किया जा रहा है, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, जिससे उनके जीवन में एक स्थायी और सकारात्मक बदलाव आया है। योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हुए आवास योजना 2.0 के तहत प्रशासन ने काम काफी तेज कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत 3,646 लोगों के बैंक खातों में धनराशि सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है। इस त्वरित वित्तीय हस्तांतरण से लाभार्थियों ने बिना किसी देरी के अपने सपनों के आशियाने की नींव रखनी शुरू कर दी है।

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