चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक ट्रायल कोर्ट के जज के गैर-जिम्मेदाराना फैसले पर कड़ी नाराज़गी जताई है। मामला उस समय सामने आया जब ट्रायल कोर्ट के जज ने किसी मोबाइल फोन पर आए नोटिफिकेशन के आधार पर फैसला सुना दिया।
हाई कोर्ट ने इस रवैये को न्याय प्रणाली के लिए बेहद चिंता का विषय बताया और टिप्पणी की कि इस तरह की कैजुअल निर्भरता से लोगों के अधिकार और स्वतंत्रता पर सीधा असर पड़ता है।
कोर्ट ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया गंभीरता, संवेदनशीलता और कानूनी सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए। किसी मोबाइल नोटिफिकेशन पर भरोसा करके फैसले लेना न केवल अस्वीकार्य है बल्कि न्याय की मर्यादा के खिलाफ है।
हाई कोर्ट ने संबंधित जज को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि न्यायालय में प्रत्येक निर्णय साक्ष्यों और कानून के तहत ही होना चाहिए, न कि मोबाइल अलर्ट पर निर्भर होकर।
अदालत ने इस मामले को न्यायिक मानकों के ख़िलाफ़ बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
