नई दिल्ली। भारत में देवी-देवताओं के कई ऐसे मंदिर हैं जो अपनी अनोखी परंपराओं और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसा ही एक मंदिर BhadraKali Temple केरल में स्थित है, जहां मां भद्रकाली की पूजा एक अलग ही अंदाज में की जाती है। यहां भक्त पूजा के दौरान मां भद्रकाली को गालियां देते हैं और इसे अपमान नहीं बल्कि भक्ति का प्रतीक माना जाता है।
मां दुर्गा के 9 स्वरूप
हिंदू धर्म में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त माता को प्रसन्न करने के लिए मंत्रोच्चारण, हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं। लेकिन केरल का यह मंदिर अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए जाना जाता है।
अनोखी परंपरा: मां भद्रकाली को दी जाती हैं गालियां
इस मंदिर में मां काली के उग्र स्वरूप, मां भद्रकाली की पूजा की जाती है। यहां भक्त पूजा के दौरान उन्हें गालियां देते हैं। मान्यता है कि यह गालियां अपमान नहीं बल्कि मां को शांत करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम हैं।
मां भद्रकाली का स्वरूप
मंदिर में मौजूद मां भद्रकाली की प्रतिमा 6 फीट ऊंची है, जिनकी 8 भुजाएं हैं और चेहरा क्रोध से भरा हुआ है। स्थानीय लोग उन्हें कुरुंबा भगवती के नाम से भी जानते हैं।
भरानी त्योहार और गालियों की परंपरा
हर साल मार्च और अप्रैल में यहां भरानी त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रक्तबीज से युद्ध के बाद मां भद्रकाली अत्यंत क्रोधित हो गई थीं। तब भक्तों ने उन्हें गालियां देकर शांत किया। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
मूर्ति का शुद्धिकरण
भरानी उत्सव समाप्त होने के बाद मां भद्रकाली की मूर्ति का चंदन से शुद्धिकरण किया जाता है। मान्यता है कि यह क्रिया मां को शांति प्रदान करती है और उनका क्रोध समाप्त हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि नहीं की जाती। किसी भी धार्मिक आस्था को मानने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
