अमृतसर। गांव मंज के किसान इन दिनों बाढ़ की मार झेल रहे हैं। लगातार 17 दिनों से गांव पानी में डूबा हुआ है, जिससे ठेके पर ली गई जमीनों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों ने सरकार और संबंधित विभागों से तात्कालिक मदद की गुहार लगाई है।
ठेके पर ली जमीनें और फसल बर्बादी
किसानों का कहना है कि बाढ़ की वजह से लगभग 1000 एकड़ रकबा डूब चुका है। इन जमीनों पर ठेके पर खेती की जाती थी। बूटा सिंह और दलेर सिंह ने बताया कि हर साल सक्की नाले के पुल में जमी सींखों और अवैध कब्जों की वजह से पानी का बहाव रुकता है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता है।
चारे की किल्लत और राहत की मांग
किसानों का कहना है कि पानी भरने से न तो चारा बचा है और न ही तुड़ी, जिसके कारण पशुओं के सामने भूख का संकट खड़ा हो गया है। अब तक कोई सरकारी एजेंसी या सामाजिक संस्था मदद के लिए आगे नहीं आई है। किसानों ने सरकार से तुरंत चारा और राहत सामग्री भेजने की मांग की है।
ठेका राशि माफी और मुआवजे की गुहार
किसानों ने सरकार से ठेका राशि माफ करने और फसलों में लगी लागत का मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक बिगड़ जाएगी।
