मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में रखे अपने विचार
विगत 11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में बनाई नई पहचान, सहकारी संघवाद को मिली नई दिशा
वाराणसी: 24 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विगत 11 वर्षों में भारत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में नई ऊंचाइयों को छुआ है। यह कालखंड हमें नयी प्रेरणा देता है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री का ‘टीम इंडिया’ का आह्वान सहकारी संघवाद को नई दिशा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ‘बॉटम-अप अप्रोच’ के साथ आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत की अवधारणा पर कार्य कर रही है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव हो सके। प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोजगार सृजन के लिए 5-7 लोगों को नियुक्त किया गया है। बीसी सखी, मॉडल फेयर प्राइस शॉप, सामुदायिक शौचालय केयर टेकर, कन्सल्टिंग इंजीनियर जैसे पद ग्राम स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 330 से अधिक सेवाएं ग्राम सचिवालयों के माध्यम से सशुल्क ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके जरिए पंचायतों को लाखों की आय हो रही है। पंचायतों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती देने के लिए पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
स्वास्थ्य और पोषण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 2.12 करोड़ लाभार्थियों को पोषण आहार दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 2024-25 और 2025-26 में 3.58 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹163.33 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं। साथ ही प्रदेश में 10 जनपदों में ₹100 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए सभी थानों में महिला बीट प्रणाली और हेल्प डेस्क की व्यवस्था है। वहीं कामकाजी महिलाओं के लिए 8 नए छात्रावासों का निर्माण कार्य चल रहा है। शिक्षा में सुधार के लिए ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। राज्य विश्वविद्यालय विहीन 6 मण्डलों में विश्वविद्यालय निर्माण की दिशा में कार्य प्रगति पर है।
ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता 15,916 मेगावॉट थी, जो अब बढ़कर 24,868 मेगावॉट हो गई है। जल्द ही यह क्षमता 27,184 मेगावॉट तक पहुंच जाएगी। स्मार्ट मीटर योजना के तहत उपभोक्ताओं को पारदर्शी और निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि पैक्स समितियों के माध्यम से अब तक 3.76 लाख किसानों को ₹3132 करोड़ का ऋण वितरित किया गया है। एम-पैक्स समितियों के माध्यम से जन औषधि केंद्र, किसान समृद्धि केंद्र, और कृषि ड्रोन सेवा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
नगर नियोजन पर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 89 महायोजनाएं स्वीकृत हैं, जिससे शहरी विकास को दिशा मिल रही है। 2031 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर अमृत योजना के तहत नई महायोजनाएं तैयार की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के समापन पर कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
