- रिपोर्ट: एमपी भार्गव
ऐलनाबाद: इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने शुक्रवार को ऐलनाबाद में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान हरियाणा-पंजाब जल विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 25 मई तक हरियाणा को उसका हिस्सा का पानी नहीं मिला तो इनेलो पंजाब के सरकारी वाहनों को हरियाणा में प्रवेश नहीं करने देगी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जवानों को दी बधाई
अभय चौटाला ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारे जवानों ने आतंक का डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने इस बहादुरी के लिए देश के जवानों को बधाई दी।
हरियाणा सरकार को बताया कमजोर, केंद्र पर भी साधा निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में भाजपा की सरकार कमजोर है और दिल्ली से नियंत्रित हो रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा पानी को लेकर किए गए दावों को झूठा करार देते हुए अभय ने कहा कि सरकार ने पानी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
“राष्ट्रीय पार्टियों की दोहरी नीति”
अभय चौटाला ने भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों पर दोहरी राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ये पार्टियां हरियाणा में कुछ और कहती हैं और पंजाब में कुछ और। हरियाणा के हितों की अनदेखी की जा रही है।”
पंजाब के वाहनों को रोकने की चेतावनी
उन्होंने कहा कि अगर 25 मई तक हरियाणा को पानी नहीं मिला, तो इनेलो पंजाब से आने वाले सरकारी वाहनों को हरियाणा की सीमाओं पर रोक देगी। यह प्रतीकात्मक विरोध एक दिन के लिए होगा, लेकिन जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा।
एसवाईएल और बीबीएमबी का मुद्दा भी उठाया
चौटाला ने कहा कि एसवाईएल नहर के मुद्दे को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) में हरियाणा का प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया, जिससे राज्य की मांगें अनसुनी हो रही हैं।
कांग्रेस पर पुराना आरोप दोहराया
अभय चौटाला ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके पिता पर हमला बोलते हुए कहा कि जब हरियाणा का गठन हो रहा था, तब उनके पिता ने पंजाब की कैबिनेट में उस कागज पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें लिखा था कि हरियाणा अलग राज्य नहीं बनना चाहिए।
जेजेपी को बताया ‘गद्दारों की पार्टी’
जेजेपी पर निशाना साधते हुए अभय ने कहा कि अगर वे पार्टी के संस्थापक ओम प्रकाश चौटाला का फोटो अपने पोस्टरों पर लगाते हैं, तो यह उनका अपमान है। उन्होंने कहा कि चौटाला साहब ने स्वयं इन्हें गद्दार कहा था।
सरकार पर सत्र बुलाने की मांग
अंत में उन्होंने कहा कि इस गंभीर जल संकट पर सरकार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और केंद्र सरकार को भी हरियाणा के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
इनेलो ने हरियाणा के जल अधिकारों के लिए सख्त रुख अपनाया है और अगर समय रहते समाधान नहीं निकला तो इसका असर पंजाब-हरियाणा के आपसी संबंधों पर पड़ सकता है।
