बिजनौर में ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 2509 लाउडस्पीकर हटाए गए; SP केके बिश्नोई ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। बिजनौर पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6 सितंबर 2026 तक कुल 2509 लाउडस्पीकर हटाए हैं। इनमें मस्जिदों से 1323, मंदिरों से 1116 और गुरुद्वारों से 70 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गई है।
धार्मिक स्थलों पर नियमों के पालन पर जोर
बिजनौर पुलिस के अनुसार जिले के सभी थाना क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों और लाउडस्पीकरों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े निर्धारित नियमों और न्यायालय एवं शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।
अब तक हुई कार्रवाई में सबसे अधिक 1323 लाउडस्पीकर मस्जिदों से हटाए गए हैं। इसके बाद 1116 लाउडस्पीकर मंदिरों से और 70 लाउडस्पीकर गुरुद्वारों से हटाए गए। इस तरह तीनों धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकरों की कुल संख्या 2509 है।
तय ध्वनि सीमा का करना होगा पालन
बिजनौर पुलिस ने Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि की अधिकतम सीमा 55 डेसीबल और रात के समय 45 डेसीबल है।
वहीं वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन के समय अधिकतम सीमा 65 डेसीबल और रात में 55 डेसीबल निर्धारित है। ऐसे में धार्मिक स्थलों और अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल करते समय इन सीमाओं का ध्यान रखना जरूरी है।
डेसीबल सीमा क्यों महत्वपूर्ण है?
डेसीबल ध्वनि की तीव्रता मापने की इकाई है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग ध्वनि सीमा निर्धारित करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज आवाज से आसपास रहने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो। खासकर रात के समय ध्वनि की सीमा कम रखी गई है, ताकि लोगों के सामान्य जीवन और आराम में बाधा न आए।
कार्यक्रमों की आवाज परिसर तक रखने की अपील
पुलिस ने धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजकों से भी अपील की है कि ध्वनि को इस तरह नियंत्रित रखा जाए कि उसकी आवाज मुख्य रूप से कार्यक्रम परिसर के अंदर तक सीमित रहे और आसपास रहने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
पुलिस का कहना है कि तेज आवाज से होने वाली परेशानी को देखते हुए धार्मिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों में ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन किया जाना चाहिए।
तेज आवाज से परेशानी हो तो यहां करें शिकायत
बिजनौर पुलिस ने आम लोगों के लिए शिकायत दर्ज कराने के विकल्प भी बताए हैं। यदि किसी व्यक्ति को किसी धार्मिक स्थल या अन्य स्थान पर लगे लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र की तेज आवाज से परेशानी हो रही है, तो वह पुलिस से शिकायत कर सकता है।
इसके लिए लोग:
- नजदीकी थाने में शिकायत कर सकते हैं।
- UP-112 पर संपर्क कर सकते हैं।
- पुलिस अधीक्षक (SP), बिजनौर के CUG नंबर 9454400254 पर संपर्क कर सकते हैं।
- SP केके बिश्नोई का सख्त संदेश
बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) केके बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय और शासन के निर्देशों के अनुरूप ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रोफाइल में केके बिश्नोई को SP/Bijnor के पद पर दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि धार्मिक आस्था और आयोजनों के साथ-साथ कानून और निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करना भी जरूरी है।
बिजनौर पुलिस का संदेश साफ है कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में ध्वनि का इस्तेमाल इस प्रकार किया जाए, जिससे किसी अन्य व्यक्ति को परेशानी न हो और निर्धारित नियमों का उल्लंघन भी न हो।
