लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के भीतर आकाश आनंद को लेकर सियासी तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से हटाए जाने के चार दिन बाद आकाश आनंद ने अपने X प्रोफाइल का बायो बदल दिया है। पहले उनके प्रोफाइल में ‘बसपा कार्यकर्ता’ लिखा था, जिसे अब बदलकर ‘बसपा समर्थक’ कर दिया गया है।
आकाश आनंद के X बायो में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, BSP ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद कार्यकर्ता की जगह समर्थक लिखे जाने को पार्टी के साथ उनके मौजूदा रिश्तों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
मायावती के निर्देश की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, BSP प्रमुख मायावती ने पार्टी के पदाधिकारियों से आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने को कहा है। यह घटनाक्रम आकाश आनंद को राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से हटाए जाने के बाद सामने आया है।
आकाश आनंद के लिए BSP के भीतर यह पहली बार नहीं है जब राजनीतिक स्थिति बदली हो। मार्च 2025 में भी मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें BSP से बाहर कर दिया था। हालांकि, बाद में आकाश आनंद की पार्टी में वापसी हुई थी।
X बायो में बदलाव क्यों चर्चा में है?
राजनीति में नेताओं की सोशल मीडिया प्रोफाइल को कई बार उनकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति या रुख के संकेत के तौर पर देखा जाता है। आकाश आनंद ने पहले खुद को BSP कार्यकर्ता बताया था, जबकि अब उन्होंने इसे बदलकर BSP समर्थक कर दिया है। हालांकि, केवल सोशल मीडिया बायो में बदलाव से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह पार्टी से बाहर हो चुके हैं।
पहले भी बदली थी आकाश की राजनीतिक भूमिका
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद पद जाने पर आकाश आनंद ने अपने X प्रोफाइल में खुद को BSP का कार्यकर्ता बताया था। अब उन्होंने इसी पहचान को बदल दिया है। उनके प्रोफाइल में कार्यकर्ता की जगह समर्थक लिखा गया है।
यह बदलाव उस समय सामने आया है, जब पार्टी के भीतर आकाश आनंद की भूमिका पहले की तुलना में सीमित होती दिखाई दे रही है। हालांकि, BSP की ओर से उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
आकाश आनंद के समर्थन में भी आवाजें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच BSP से जुड़े लोगों के एक वर्ग में आकाश आनंद को लेकर नाराजगी की बात भी सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर ‘उम्मीदों का आकाश’ जैसे शब्दों के साथ उनके समर्थन में पोस्ट किए जा रहे हैं।
यानी एक ओर पार्टी के भीतर आकाश आनंद की भूमिका सीमित होती दिख रही है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थक उनके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि BSP इस मामले में आगे क्या फैसला करती है।
ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की चर्चा
इसी बीच BSP प्रमुख मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाने की चर्चा भी शुरू हो गई है। ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है।
रविवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में लंबी बैठक हुई। इसके बाद चर्चा है कि ईशान आनंद को कुछ राज्यों की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में BSP की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, ईशान आनंद अपनी जिम्मेदारियों के लिए मायावती के साथ अपने पिता आनंद कुमार को रिपोर्ट करेंगे। वह हाल में हुई राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में भी शामिल हुए थे। इससे पहले मायावती के जन्मदिन के मौके पर भी उनकी मौजूदगी रही थी।
ईशान आनंद की भूमिका क्यों अहम मानी जा रही है?
आकाश आनंद की संगठनात्मक भूमिका में बदलाव के बीच ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए जाने से BSP के संगठन में जिम्मेदारियों के संभावित नए बंटवारे की चर्चा तेज हुई है। हालांकि, ईशान आनंद को लेकर आगे की जिम्मेदारियों पर पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
रामजी गौतम और लालाराम की जिम्मेदारियां बढ़ने की चर्चा
BSP के भीतर रामजी गौतम और लालाराम की जिम्मेदारियां बढ़ाने की भी चर्चा है। ऐसे में पार्टी संगठन में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किस तरह होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल BSP के भीतर सबसे बड़ा सवाल आकाश आनंद के अगले राजनीतिक कदम को लेकर बना हुआ है। X बायो में ‘कार्यकर्ता’ से ‘समर्थक’ लिखे जाने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
