हरियाणा महिला आयोग की पहल से पीड़ित दंपति को मिला घर, दुर्गा शक्ति टीम के साथ भेजकर कराया न्याय

सिरसा में 19 शिकायतों पर सुनवाई, 14 मामलों का निपटारा; महिला आयोग ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

ऐलनाबाद/सिरसा। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सिरसा जिले से संबंधित 19 जन शिकायतों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 14 मामलों का मौके पर ही निपटारा करते हुए पीड़ित पक्षों को राहत दिलाई गई। इस दौरान सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन और महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह विशेष रूप से मौजूद रहीं।

आयोग की चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस स्तर पर चल रही कार्रवाई की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों तथा दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

उषा प्रियदर्शी ने कहा कि हरियाणा राज्य महिला आयोग महिलाओं और पीड़ित पक्षों को न्याय दिलाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विशेष बैठकों का आयोजन कर लोगों को उनके घर के नजदीक ही न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिरसा में यह विशेष बैठक आयोजित की गई और आगामी दिनों में भी ऐसी बैठकें जारी रहेंगी।

उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि आपसी मतभेदों के कारण अलग हुए परिवारों को भी समझौते के माध्यम से जोड़ना है। कई मामलों में छोटे-छोटे विवाद परिवारों के टूटने का कारण बन जाते हैं। आयोग ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान का प्रयास करता है, ताकि परिवार दोबारा एक साथ रह सकें।

पीड़ित दंपति को मिला अपना आशियाना

विशेष बैठक के दौरान एक पीड़ित महिला ने आयोग को बताया कि उसके ससुराल पक्ष के लोग उसे और उसके पति को घर में रहने नहीं दे रहे हैं। इसके चलते दंपति को किराए के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था।

महिला की शिकायत सुनने के बाद आयोग की चेयरपर्सन ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। आयोग की पहल के बाद पीड़ित दंपति को दुर्गा शक्ति टीम की सुरक्षा के साथ उनके घर भेजा गया। इस कार्रवाई से दंपति को राहत मिली और उन्हें अपने घर में रहने का अवसर मिला।

चेयरपर्सन उषा प्रियदर्शी ने कहा कि महिला आयोग का प्रयास है कि किसी भी पीड़ित महिला को अपनी समस्या के समाधान के लिए लंबे समय तक परेशान न होना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं से संबंधित शिकायतों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आयोग के समक्ष विभिन्न मामलों की स्थिति से अवगत कराया। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।

 

 

 

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