श्रीमद्भागवत कथा में विवाहोत्सव की रही धूम, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मनाया उत्सव

ऐलनाबाद, 18 जुलाई : शहर के गौशाला रोड स्थित सनातन धर्मशाला में राधा माधव महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग मुख्य आकर्षण रहा। कथा व्यास महंत श्री भरतमुनि उदासीन जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सुंदर झांकी और मंगल गीतों के बीच पूरा कथा पंडाल भक्तिमय उल्लास से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर विवाहोत्सव की खुशियां मनाईं।

महाराज श्री ने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के अहंकार से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत धारण कर उनकी रक्षा की। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग हमें भगवान के प्रति अटूट विश्वास और शरणागति का संदेश देता है।

कथा के दौरान गोपी गीत का भावपूर्ण वर्णन करते हुए गोपियों के श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और विरह भाव को समझाया गया। वहीं भ्रमर गीत के माध्यम से गोपियों के गहन प्रेम, विरह और भक्ति की अद्भुत अनुभूति कराई गई।

इसके पश्चात कंस वध प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध कर मथुरा की प्रजा को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई और धर्म की पुनः स्थापना की।

कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाहोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। मंगल गीतों और भगवान के जयकारों से कथा स्थल गूंज उठा और पूरा वातावरण श्रीकृष्ण-रुक्मिणी की भक्ति के रंग में रंग गया

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.