Uniform Civil Code Seminar: मीरजापुर में समान नागरिक संहिता पर दो दिवसीय विचार संगोष्ठी शुरू, सामाजिक प्रभाव पर हुई चर्चा
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
Uniform Civil Code Seminar Mirzapur: उत्तर प्रदेश विधान परिषद सचिवालय के तत्वावधान में संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान की क्षेत्रीय शाखा की ओर से मीरजापुर के नैनागढ़ पैलेस में समान नागरिक संहिता (UCC) के महत्व और उसके सामाजिक प्रभाव पर दो दिवसीय विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विधान परिषद के सभापति एवं संस्थान के अध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर संस्थान के अवैतनिक सचिव डॉ. राजेश सिंह भी उपस्थित रहे।
Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता को सामाजिक न्याय से जोड़कर देखने पर जोर
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने समान नागरिक संहिता के महत्व और उसके संभावित सामाजिक प्रभावों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य किसी धार्मिक आस्था पर प्रहार करना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। उन्होंने इस कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Uniform Civil Code: ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं पर हुई चर्चा
संस्थान के अवैतनिक सचिव डॉ. राजेश सिंह ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के ऐतिहासिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शाहबानो मामले का उदाहरण देते हुए इस कानून को शीघ्र लागू करने की अपील की।

संगोष्ठी में वक्ताओं ने समान नागरिक संहिता और ‘एक देश, एक कानून’ की अवधारणा पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में इस विषय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
Uniform Civil Code: कई वक्ताओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में सी.पी. राय, प्रमोद मिश्रा, प्रो. बृजेश चंद्रा, सुरेंद्र यादव, डॉ. बीना पांडेय, शशि, एडवोकेट विश्राम यादव, निराला, डॉ. अरुण यादव, डॉ. कुसुम मानसी द्विवेदी, मंजू यादव और नूतन सिंह सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
दो दिवसीय संगोष्ठी में समान नागरिक संहिता के कानूनी स्वरूप, सामाजिक प्रभाव और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रासंगिकता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
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