केंद्रीय बजट 2026 आत्मनिर्भर भारत की गूंज और विकसित भारत की गर्जना का गजट : मुख्तार अब्बास नकवी

  • रिपोर्ट : शाहबाज़ खान | रामपुर

रामपुर में पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 “आत्मनिर्भर भारत की गूंज और विकसित भारत की गर्जना का गजट” है। यह बजट विकसित भारत की सशक्त सामर्थ्य और संभावनाओं को साकार करने की सोच, समझ और संकल्प का पुख्ता दस्तावेज़ है।

नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन की शक्ति ने बाहरी घमासान और अंदरूनी व्यवधानों को पछाड़ते हुए वैश्विक तंगी और मंदी के दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था के स्थायित्व से भरपूर, सशक्त और सफल सफर को निरंतरता प्रदान की है।

कांग्रेस, सपा और अन्य कुछ राजनीतिक दलों द्वारा बजट की आलोचना पर कटाक्ष करते हुए नकवी ने कहा कि कुछ लोगों को तर्कों की कंगाली ने कुतर्कों का मवाली बना दिया है। ऐसे लोग “हिट एंड रन” की राजनीति में हवा-बाजी करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी पराजय के प्रमाण पत्रों का प्रदर्शन कर चुनावी मैदान में रणबांकुरी की बजाय रण छोड़ बहादुरी की प्रतिस्पर्धा कर रहा है।

नकवी ने कहा कि भाजपा को मिली जर्जर विरासत पर सियासत किए बिना, दशकों की राजनीतिक असहिष्णुता और अस्पृश्यता के दौर को पीछे छोड़ते हुए सुशासन, स्थायित्व और समावेशी सशक्तिकरण का वैश्विक ब्रांड बन चुकी है। इसी संकल्प और सिद्धि की सोच ने भारत को आज दुनिया में एक आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी कुनबा भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की तपस्या, परिश्रम और सुशासन की ताकत से सबक लेने के बजाय कुंठा, कटुता और कोलाहल में उलझता जा रहा है। प्रजातंत्र को परिवार तंत्र का बंधक बनाने वाली मानसिकता को चुनावी मैदान में लगातार झटके लग रहे हैं।

नकवी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, सपा सहित कुछ राजनीतिक दल बिना जनादेश की जागीरदारी के जुनून में पराजय की प्रयोगशाला बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दल भारत और लोकतंत्र की धाक को धूमिल करने की कोशिश में खुद ही धूलधूसरित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के सुशासन की ताकत को किसी सामंती सोच या सियासी साजिश से कमजोर नहीं किया जा सकता। जनता जनादेश के पनघट पर सुशासन के चक्रवाती तूफान में विपक्षी राजनीति चारों खाने चित होती जा रही है।

विपक्ष पर तंज कसते हुए नकवी ने कहा कि “चित भी अपनी, पट भी अपनी” की पटकथा लिखने वाली लफ्फाजी की लॉबी को आने वाले चुनावों में भी जनता करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज ऐसी बेनामी संपत्ति बन चुकी है, जिसका न अंदर कोई मोल है और न बाहर कोई भाव।

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए नकवी ने कहा कि डायनेस्टी की राजनीति करने वालों का जहाज डूब रहा है, जिसे अब कोई सहारा नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि छद्म धर्मनिरपेक्षता की सियासत का छल अब समाप्त हो रहा है और देश विकास को चुन रहा है, वंशवाद को नकार रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष मोहनलाल सैनी, राकेश मिश्रा, भारत भूषण गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह, महा सिंह राजपूत, जागेश्वर दयाल दीक्षित, कृष्ण अवतार लोधी, प्रभात अग्रवाल, महेंद्र लोधी, कपिल आर्य, लक्ष्मी सैनी, चंद्र प्रकाश शर्मा, बशीर अहमद मोलाई, सतनाम सिंह, डॉ. चंद्रपाल, अजय सैनी, राकेश फुलेरिया, योगेंद्र गंगवार, संजय चंद्रा, महेश चंद्रवंशी, ओमप्रकाश, भूकन लोधी, शाहीन अंसारी, हीरा पप्पू यादव, वीरपाल, विकास दीक्षित सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

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