- रिपोर्ट- पंकज झां
वाराणसी। अपनी आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक भव्यता और पर्यटन आकर्षण के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन इसी शहर की सड़कों पर बुनियादी व्यवस्थाओं की अनदेखी अब सवाल खड़े करने लगी है। ताजा मामला लहुरा वीर चौराहे का है, जहां नगर निगम द्वारा लगाया गया मार्गदर्शक साइन बोर्ड अपनी बदहाल स्थिति में खुद ही व्यवस्था की पोल खोल रहा है।यह साइन बोर्ड, जो खास तौर पर बाहर से आने वाले यात्रियों और राहगीरों को सही दिशा दिखाने के लिए लगाया गया था, वह सुना पड़ा हुआ है , जिससे उस पर लिखी जानकारी पढ़ पाना मुश्किल हो गया है। नतीजा यह है कि जो बोर्ड लोगों को रास्ता दिखाने के लिए लगाया गया था, वही अब उन्हें भ्रमित करने का कारण बन रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है।
इसके बावजूद न तो नगर निगम के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही किसी जिम्मेदार कर्मचारी ने इसे दुरुस्त कराने की जहमत उठाई। व्यस्त चौराहे पर इस तरह की लापरवाही न केवल शहर की छवि को धूमिल करती है, बल्कि रोजाना आने-जाने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए भी परेशानी का सबब बनती है। खासकर वे यात्री जो पहली बार वाराणसी आते हैं, ऐसे मार्गदर्शक संकेतों पर ही भरोसा करते हैं। लेकिन जब यही संकेत अधूरे, या या किसी राजनीतिक पार्टियों का बैनर प्राइवेट राजनीतिक प्राइवेट कंपनियों का बैनर यहां लगता है इसके कारण सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण यात्री इधर-उधर भटकते हैं ऐसे स्थिति में शहर की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। अब निगाहें नगर निगम पर टिकी हैं कि वह कब इस समस्या का संज्ञान लेकर इस साइन बोर्ड पर संकेतक लगाते या नए बोर्ड की स्थापना करता है, ताकि शहर की गरिमा बनी रहे और यात्रियों को सही दिश और यात्रियों को दिशा मिल सके
