‘द इंडिया स्टोरी’ फूड सेफ्टी पर जागरूक करेगी दर्शकों को, निर्देशक चेतन बोले- मिलावटी खाना पूरे परिवार के लिए खतरा
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
मुंबई। निर्देशक चेतन की आगामी फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ खाद्य सुरक्षा और मिलावटी खाद्य पदार्थों जैसे गंभीर मुद्दों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास है। उनका मानना है कि भोजन में मिलावट का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की सेहत पर पड़ता है।
आईएएनएस से बातचीत में चेतन ने कहा कि लोग दिन-रात मेहनत करके अपने परिवार के लिए भोजन जुटाते हैं, लेकिन यदि वही भोजन मिलावटी या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो, तो इसका सीधा असर बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा आज हर भारतीय परिवार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है।
निर्देशक के अनुसार, ‘द इंडिया स्टोरी’ का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें यह समझाना है कि भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी और रोजमर्रा के खान-पान के प्रति अधिक जागरूक बनाएगी।
चेतन ने कहा कि फिल्म समाज में मौजूद उन समस्याओं को उजागर करती है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उनका मानना है कि दर्शक फिल्म देखने के बाद खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से समझेंगे।
फिल्म में अभिनेता श्रेयस तलपड़े मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। वहीं काजल अग्रवाल एक वकील ‘अर्चना’ के किरदार में नजर आएंगी, जो एक आम नागरिक के साथ मिलकर उन बड़ी कंपनियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती हैं, जिन पर पेस्टिसाइड के अत्यधिक इस्तेमाल और खाद्य पदार्थों में मिलावट के जरिए लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप हैं। फिल्म में खाद्य सुरक्षा, पेस्टिसाइड और मिलावट जैसे समसामयिक विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है।
