ई-रिक्शा रिमोट शटडाउन विवाद: सरकार का बड़ा एक्शन, गूगल और एप्पल ऐप स्टोर से हटाए गए संदिग्ध BAT-BMS ऐप
- रिपोर्ट: सुरजीत सिंह
नई दिल्ली। देश में चीनी स्मार्टफोन ऐप BAT-BMS के जरिए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रिमोट से बंद किए जाने के दावों के बीच केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि उसके संज्ञान में आए दो संदिग्ध मोबाइल ऐप्स को तत्काल प्रभाव से गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। साथ ही सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे किसी भी संभावित साइबर खतरे से निपटने के लिए ऐप स्टोर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
आईटी सचिव ने कार्रवाई की पुष्टि
सीआईआई (CII) साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार के संज्ञान में आए दोनों संदिग्ध ऐप्स को तुरंत दोनों प्रमुख ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और गूगल व एप्पल के साथ विस्तृत चर्चा करेगी, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित रूप से नुकसान पहुंचाने वाले ऐप को भारतीय उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने से रोका जा सके।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चिंता
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि BAT-BMS ऐप के रिमोट शटडाउन फीचर के जरिए भारत में चल रहे कुछ ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा है। इन दावों के बाद इंटरनेट आधारित व्हीकल मैनेजमेंट सिस्टम (VMS) और उससे जुड़े साइबर सुरक्षा मानकों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
क्या है BAT-BMS ऐप?
तकनीकी जानकारी के अनुसार, BAT-BMS ऐप को मूल रूप से शेनझेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी द्वारा ब्लूटूथ आधारित लिथियम-आयन बैटरियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए विकसित किया गया था। यह ऐप बैटरी की स्थिति, वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग साइकिल जैसी जानकारियां उपलब्ध कराता है। साथ ही इसमें बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को दूर से नियंत्रित करने जैसी सुविधाएं भी मौजूद थीं।
दुरुपयोग की आशंका के बाद सरकार सतर्क
सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं के संभावित दुरुपयोग की आशंकाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है। फिलहाल संबंधित दावों की जांच जारी है और सरकार साइबर सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि भारतीय उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार के जोखिमों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
