- रिपोर्ट – अनुराग सिंह बिष्ट
उत्तराखंड/उत्तरकाशी।
“सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है।”
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ बैरियर के पास सोमवार सुबह से सैकड़ों शिक्षकों को पुलिस द्वारा दून जाने से रोकने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।
शिक्षकों ने कहा कि सरकार की नीयत कभी भी उनके पक्ष में नहीं रही और आज की कार्रवाई ने इसे साबित कर दिया है। उनका आरोप है कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए शिक्षकों को राजधानी में अपनी मांगों को उठाने से रोक रही है।
संगठन से जुड़े साथियों ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस दमनकारी नीति का विरोध करें। साथ ही देहरादून और आसपास के सभी शिक्षकों से आह्वान किया गया है कि वे बड़ी संख्या में आज सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड पहुँचकर सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुटता दिखाएँ।
इस घटना के बाद शिक्षक वर्ग में गहरा आक्रोश व्याप्त है और आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
