लखीसराय(सरफराज आलम)जिले की मननपुर ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना में बरती गई भारी लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2018 से योजना लंबित रहने और ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नहीं होने के मामले में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने संबंधित संवेदक, अधीक्षण अभियंता एवं दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
28 मई 2026 को इटौन ग्राम स्थित जलापूर्ति योजना के स्थलीय निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के दौरान जिलाधिकारी के सामने कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। ग्रामीणों ने बताया कि गोपालपुर गांव में वर्ष 2018 से ही जलापूर्ति पूरी तरह ठप है और लोग आज भी पानी के लिए परेशान हैं।
निरीक्षण में पाया गया कि तकनीकी कमियों, अपर्याप्त संरचनात्मक व्यवस्था तथा कार्य निष्पादन में लापरवाही के कारण योजना धरातल पर सफल नहीं हो सकी। संबंधित एजेंसी मेसर्स मास निर्माण प्राइवेट लिमिटेड पर भी कार्य में शिथिलता बरतने का आरोप लगा है।
भीषण गर्मी और लू के बीच पेयजल संकट को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने तकनीकी खामियों को दूर कर युद्धस्तर पर कार्य पूरा करने, पाइपलाइन एवं पंपिंग व्यवस्था की जांच कराने, नियमित जलापूर्ति बहाल करने तथा प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट बिहार सरकार के मुख्य सचिव कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पटना तथा अधीक्षण अभियंता बेगूसराय को भी भेज दी गई है। साथ ही जिले में तत्काल कार्यपालक अभियंता की पदस्थापना की मांग की गई है, ताकि योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
