रामपुर अपडेट: बिलासपुर पुलिस ने लाखों की चोरी का किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; नकदी और चांदी के सिक्के बरामद
- रिपोर्ट: शाहबाज़ खां
रामपुर मे कोतवाली बिलासपुर पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व हुई लाखों रुपये की चोरी की घटना का खुलासा करते हुए बुधवार देर शाम चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48 हजार रुपये की नकदी और चांदी के 14 सिक्के बरामद किए हैं।
मामले की विवेचना कर रहे हल्का प्रभारी केशु शर्मा ने बताया कि चोरी की घटना की जांच के दौरान चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे, जिनकी तलाश की जा रही थी। बुधवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हाईवे से कुआंखेड़ा जाने वाले रास्ते से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए सामान में से नकदी और चांदी के सिक्के बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नगर के मोहल्ला सिंह कॉलोनी निवासी उमेश उर्फ चवणी, गौरव, मॉडर्न कॉलोनी निवासी रिंकू और हंस विहार कॉलोनी निवासी जतिन के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि जतिन के खिलाफ मिलक थाने में पहले से करीब आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
बीती 24 जून की रात कोतवाली से कुछ दूरी पर स्थित आव्या आयरन एंड सीमेंट स्टोर में चोरों ने धावा बोलकर करीब दो लाख रुपये की नकदी और चांदी के करीब तीन दर्जन सिक्के चोरी कर लिए थे। दुकान स्वामी एवं समाजसेवी मयंक अग्रवाल मनी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।
इस मामले में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी पुलिस अधिकारियों को जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह ने बताया कि मुकदमे में बरामदगी की धाराएं बढ़ाई गई हैं। चारों आरोपियों को आवश्यक पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।
- स्वार में CBI की दबिश से मचा हड़कंप, कई घंटे चली पूछताछ के बाद मोबाइल, लैपटॉप और दस्तावेज साथ ले गई टीम
रामपुर जनपद के स्वार क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए स्थानीय निवासी जमील के पुत्र अली रजा के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास जुटने लगे।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई टीम सुबह तड़के ही स्वार पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर जानकारी पहुंचने से पहले ही टीम ने अली रजा के घर को घेर लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिवार के सदस्य भी हैरान रह गए।
जानकारी के मुताबिक जांच अधिकारियों ने घर में मौजूद सभी सदस्यों के मोबाइल फोन अलग रखवा दिए और अली रजा से अलग कमरे में कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान टीम ने घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की भी जांच की।

सूत्रों का दावा है कि जांच किसी बड़े वित्तीय लेन-देन, साइबर अपराध, फर्जीवाड़े या अन्य संवेदनशील मामले से जुड़ी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
छापेमारी के दौरान सीबीआई टीम ने अली रजा का मोबाइल फोन, लैपटॉप और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। बताया गया कि कुछ शुरुआती डिजिटल डेटा की जांच मौके पर ही की गई और बाद में संबंधित उपकरणों को सील कर टीम अपने साथ ले गई।

कार्रवाई के संबंध में जांच अधिकारियों ने मीडिया को कोई आधिकारिक जानकारी देने से इनकार किया। अधिकारियों का कहना था कि मामला संवेदनशील है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरे स्वार क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यह मामला किस बड़े मामले से जुड़ा हुआ है।
