सीएम योगी ने फहराया तिरंगा, बोले- यूपी अब ‘उत्सव प्रदेश’, सुशासन मॉडल से बदल रही पहचान

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, निवेश, रोजगार, कानून-व्यवस्था और शिक्षा में बदलाव का किया दावा

लखनऊ, 15 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को विधान भवन में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी अब ‘उपद्रव प्रदेश’ नहीं, बल्कि ‘उत्सव प्रदेश’ और सुशासन के मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश के सामने अशिक्षा, गरीबी, असमानता, अराजकता, असुरक्षा, पिछड़ापन, पलायन, जातिवाद और तुष्टिकरण जैसी कई चुनौतियां थीं। पिछले नौ वर्षों में इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में केंद्र के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने भी लगातार प्रयास किए हैं।

कानून-व्यवस्था से बदली यूपी की छवि

सीएम योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार से उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ के लिए नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन’ के लिए जाना जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश का बजट और अर्थव्यवस्था करीब तीन गुना बढ़ी है। इसी अवधि में महिला कार्यबल में भी तीन गुना वृद्धि हुई है।

50 लाख करोड़ का निवेश और चार करोड़ रोजगार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था का असर निवेश पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और चार करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े उद्योगों की संख्या ढाई गुना बढ़ी है, जबकि 22 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा भी मुख्यमंत्री ने किया।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश युवा शक्ति से स्टार्टअप शक्ति की ओर बढ़ रहा है और अब सिर्फ बदलाव का हिस्सा नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा तय करने वाला प्रदेश बन रहा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियां बताईं। उन्होंने कहा कि इंसेफ्लाइटिस जैसी संचारी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण हासिल किया गया है। वहीं स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर करीब तीन प्रतिशत रह गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को उचित मानदेय उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार ने काम किया है।

इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के साहस और शहीदों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के शौर्य को याद किया।

सीएम योगी ने कहा कि शामली में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अदम्य साहस दिखाते हुए चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया था। इस दौरान घायल होने के बाद वह वीरगति को प्राप्त हुए।

उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार को उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल एक पुलिस अधिकारी का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रत्येक जवान के शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। बुंदेलखंड, ब्रज और पूर्वांचल के लोकगीतों पर कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित जवानों के परिजनों को सम्मानित किया।

‘स्वतंत्रता अधिकार के साथ कर्तव्य का भी संकल्प’

इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प भी है।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी को अक्षुण्ण रखने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

 

-इनपुट- एजेंसी

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