तंबाकू नियंत्रण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
कोटपा अधिनियम-2003, तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव एवं नशा मुक्ति के लिए काउंसलिंग की दी गई जानकारी
रामपुर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह के दिशा-निर्देशन में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में तंबाकू नियंत्रण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने की।
कार्यशाला में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार डॉ. शहजाद हसन खान द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के चिकित्सा अधिकारियों, टीम सदस्यों एवं आरबीएसके काउंसलर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में डॉ. शहजाद हसन खान ने प्रतिभागियों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों, तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्तियों की पहचान, प्रभावी काउंसलिंग तथा उपचार की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तंबाकू नियंत्रण के लिए केवल तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्ति का उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रभावी परामर्श उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों की भूमिका तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले सभी चिकित्सा अधिकारियों, टीम सदस्यों एवं काउंसलर्स को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रमाणित किया गया। इन मास्टर ट्रेनरों द्वारा अपने-अपने आवंटित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं तहसील स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), एएनएम एवं आशाओं को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को कोटपा अधिनियम के प्रावधानों, तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों, तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग एवं उपचार तथा नशा मुक्त भारत अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक अंकित शर्मा, कोऑर्डिनेटर मोहम्मद ओवैस, डॉ. अशोक, डॉ. आसिफ कुरैशी, डॉ. मित्रा, डॉ. आसिफ बैग सहित आरबीएसके के काउंसलर्स तथा तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
