Gyanesh Kumar Mirzapur News: मिर्जापुर में ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, भाकपा(माले) ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
Gyanesh Kumar Mirzapur News: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने समेत चार मांगों को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन यानी भाकपा(माले) ने शनिवार, 26 सितंबर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला सचिव कामरेड जीरा भारती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यह ज्ञापन संबंधित अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा।
भाकपा(माले) ने अपने ज्ञापन में 23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, नए मतदाताओं के फॉर्म में बदलाव और मतदाता डेटाबेस तक पहुंच के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।


भाकपा(माले) ने इन रिपोर्टों के आधार पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। पार्टी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सदस्यों के अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
SIR प्रक्रिया पर रोक समेत चार मांगें
ज्ञापन में भाकपा(माले) ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और कथित तौर पर गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। इसके अलावा निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली बहाल करने तथा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रस्तावित चयन समिति की व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई।
पार्टी ने 25 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च के दौरान भाकपा(माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की भी निंदा की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन कार्यक्रम में कामरेड धनराज, कौशल्या, शिव कुमारी, चिंतामणि, भोला कोल, सुरेश बियार, चिंता बियार, जगन्नाथ, रामकृत बियार, संदीप सौरभ, बसंत कोल, रामधार गुप्ता, रवीश कुमार, ओम प्रकाश पटेल, अमरेश पटेल, कंचन वर्मा, राजेश वर्मा और राजाराम यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
