130 में 128 अंक हासिल कर रामपुर लगातार छठी बार बना नंबर-1

–आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि बनी सबसे बड़ा हथियार, जून माह में 4,362 फरियादियों ने समाधान पर जताई शत-प्रतिशत खुशी

–जिलाधिकारी का ‘थर्ड लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम’ हुआ हिट, शिकायत के 24 घंटे के भीतर फीडबैक और असंतुष्ट होने पर अगले 24 घंटे में दोबारा निस्तारण की अनूठी व्यवस्था ने रचा इतिहास

  • रिपोर्ट: शाहबाज़ खान

रामपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शुरू किए गए ‘आईजीआरएस जनसुनवाई पोर्टल’ के माध्यम से आमजन की शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण में रामपुर जिले ने पूरे प्रदेश में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी है। शासन द्वारा जारी जून-2026 की मासिक रैंकिंग में रामपुर ने 130 में से 128 का जादुई आंकड़ा छूकर लगातार छठी बार उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह शानदार उपलब्धि केवल कागजी निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ताओं की उस संतुष्टि पर आधारित है जिसे सीधे शासन स्तर से क्रॉस-चेक किया गया है।

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में लागू किए गए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम और अधिकारियों की तय की गई सख्त जवाबदेही ने रामपुर को प्रदेश में प्रभावी शिकायत निवारण और सुशासन का एक सबसे सफल मॉडल बना दिया है।

थर्ड लेवल मॉनीटरिंग बनी सफलता की चाबी
रामपुर की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे जिला प्रशासन का नवाचार ‘थर्ड लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम’ सबसे अहम रहा है। इस व्यवस्था के तहत आईजीआरएस कंट्रोल रूम से प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के ठीक 24 घंटे के भीतर फरियादी को फोन कर समाधान की जमीनी हकीकत परखी जाती है। यदि शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिलता है, तो मामले की लीपापोती करने के बजाय अगले 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से सीधे उसकी बात कराई जाती है और दोबारा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है। स्वयं जिलाधिकारी भी समय-समय पर फरियादियों से सीधे संवाद कर इस पूरी प्रक्रिया की गुणवत्ता का परीक्षण करते हैं।

आंकड़ों में प्रमाणित होता जनता का बढ़ता विश्वास
शासन द्वारा आईजीआरएस की रैंकिंग केवल निस्तारण की संख्या पर नहीं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से लिए जाने वाले फीडबैक पर तय होती है। माह मई 2026 में शासन स्तर से 5,840 शिकायतों पर फीडबैक लिया गया था, जिसमें 4,980 लोग समाधान से पूरी तरह संतुष्ट मिले। इसी सफलता को दोहराते हुए, जून 2026 में 5,043 शिकायतों की पड़ताल की गई, जिसमें से 4,362 फरियादियों ने समाधान पर अपनी स्पष्ट संतुष्टि जाहिर की। डिफॉल्टर शिकायतों की संख्या शून्य रखने और मुख्यमंत्री संदर्भों के निस्तारण में जिले ने सभी गुणवत्ता मानकों पर खुद को खरा साबित किया है।

बिजली विभाग पर विशेष फोकस से मिली बड़ी राहत
जून माह की रैंकिंग में अव्वल आने में विशेष विभागीय रणनीतियों का भी बड़ा हाथ रहा। शिकायतों के मिशन मोड निस्तारण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं की नियमित समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क साधें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें। इस विशेष पहल से निस्तारण की गुणवत्ता में भारी उछाल देखने को मिला और जनता को फौरी राहत मिली।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में घटी फरियादियों की भीड़
प्रभावी विभागीय समन्वय और पारदर्शी कार्यप्रणाली का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र और प्रभारी अधिकारी अनुराग सिंह के अनुसार, अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने से तहसीलों और कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले सम्पूर्ण समाधान दिवसों में फरियादियों की भीड़ में उल्लेखनीय कमी आई है। जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मिल रहे त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय से आम जनता का विश्वास जिला प्रशासन पर पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है, जिसने रामपुर को इस योजना का सिरमौर बना दिया है।

“आईजीआरएस रैंकिंग में लगातार छठी बार शीर्ष पर रहना पूरे जिला प्रशासन की टीम वर्क और जनता के प्रति हमारी जवाबदेही का परिणाम है। हमारा फोकस केवल शिकायतों को कम करने पर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की शत-प्रतिशत संतुष्टि पर है। ‘थर्ड लेवल मॉनिटरिंग’ के जरिए हम सीधे जनता से जुड़ रहे हैं। जनसुनवाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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