Rampur Police Update : वन क्षेत्र में पैदल गश्त, थाना निरीक्षण, मनरेगा में अनियमितता पर कार्रवाई के निर्देश, अज्ञात महिला को परिवार से मिलवाया

रामपुर। पुलिस अधीक्षक रामपुर द्वारा क्षेत्राधिकारी शाहबाद के साथ थाना मिलक खानम क्षेत्रान्तर्गत पीपली वन क्षेत्र में भ्रमण करते हुए पैदल गश्त की गई। गश्त के दौरान वन क्षेत्र एवं आसपास के संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क दृष्टि बनाए रखने तथा निरंतर गश्त करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वन एवं सुनसान क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति से अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। पैदल गश्त का उद्देश्य क्षेत्र में अपराध की रोकथाम, आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना एवं पुलिस की सक्रिय उपस्थिति का संदेश देना रहा।

इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक रामपुर द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक के साथ थाना मिलक खानम का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपराध रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, मालखाना रजिस्टर, विवेचना रजिस्टर, फ्लाई शीट सहित अन्य अभिलेखों की जांच की गई तथा उनके रख-रखाव, साफ-सफाई और प्रविष्टियों को चेक किया गया। साथ ही थाना परिसर स्थित कार्यालय, मालखाना, भोजनालय, हवालात, कम्प्यूटर कक्ष, मिशन शक्ति केन्द्र एवं साइबर सेल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी शाहबाद भी उपस्थित रहे।

वहीं दूसरी ओर, मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र द्वारा विकासखंड मिलक अंतर्गत ग्राम पंचायत धनेली में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे तालाब खुदाई कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 63 श्रमिकों के मास्टर रोल में से 50 श्रमिक मौके पर उपस्थित पाए गए। श्रमिकों के जॉब कार्ड की जांच एवं पोर्टल के माध्यम से सत्यापन किया गया। जांच के दौरान 12 दिसम्बर 2025 के मास्टर रोल में एक ही फोटो की पुनरावृत्ति पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने के निर्देश दिए।

इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत धनेली उत्तरी में नवनिर्मित अन्नपूर्णा राशन दुकान का भी निरीक्षण किया। अंत्योदय कार्ड धारकों से खाद्यान्न वितरण के संबंध में जानकारी ली गई, जिसमें नियमानुसार वितरण की पुष्टि हुई। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के कार्ड निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

इसी क्रम में वन स्टॉप सेंटर की संवेदनशील पहल से एक अज्ञात महिला को उसका घर और परिवार मिल सका। लगभग 9 माह की गर्भवती, मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सड़क पर प्रसव पीड़ा की स्थिति में 112 पुलिस टीम द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में महिला की स्थिति को देखते हुए वन स्टॉप सेंटर टीम ने उसे बरेली मानसिक प्रकोष्ठ में उपचार हेतु भर्ती कराया। सीडब्ल्यूसी के आदेशानुसार नवजात बच्ची को राजकीय बाल गृह (शिशु) सदन, रामपुर में सुरक्षित रखा गया।

महिला की मानसिक स्थिति में सुधार होने पर उसने अपने परिजनों की पहचान बताई। इसके बाद 12 दिसम्बर 2025 को सीडब्ल्यूसी के आदेशानुसार नवजात बच्ची को उसकी माता एवं मामा के सुपुर्द किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बच्ची को बेबी किट, कंबल, खिलौने एवं वस्त्र प्रदान कर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

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