सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले चिकित्सक एवं कर्मचारी, जिलाधिकारी ने दिए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
स्वार, मिलक और शाहबाद सीएचसी में गैरहाजिर मिले चिकित्सक-कर्मचारी, वेतन काटने के निर्देश
-डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जताई नाराजगी, समय पर ड्यूटी करने के निर्देश
Rampur: मण्डलायुक्त मुरादाबाद के निर्देशों पर जिलाधिकारी अजय कुमार दिवेद्वी ने जनपद के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपजिलाधिकारियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति तथा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से उपजिलाधिकारियों के माध्यम से औचक निरीक्षण कराया गया।
औचक निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वार में चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए। निरीक्षण में डॉ. नितिन दत्त शर्मा, डॉ. जियाउर्रहमान, डॉ. रागिनी सिंह, एल.टी.आनंद कुमार, कनिष्ठ सहायक ज्ञान प्रकाश, वार्ड ब्वाय रवि कुमार तथा आर.बी.एस.के. गीता देवी अनुपस्थित पाए गए।

इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मिलक के औचक निरीक्षण के दौरान डॉ. आफताब एवं डॉ. मैजुल्ला खानम अनुपस्थित पाए गए। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, शाहबाद में डॉ. वतन कौर, डॉ. हकीम आरिफ एवं डॉ. सोहन लाल दिवाकर अपने कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए।
औचक निरीक्षण में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति को जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह को संबंधित अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कार्मिका का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केन्द्रों में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले मरीजों को समय से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, ड्यूटी से अनुपस्थिति तथा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनसामान्य को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
