अकाली दल-भाजपा गठबंधन पर रतन सिंह अजनाला का बड़ा बयान, कहा- मिलकर लड़ेंगे चुनाव
अजनाला में रतन सिंह अजनाला की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने छेड़ी नई चर्चा, पीछे नजर आया भाजपा का बोर्ड
-पंजाब में नशों ने किया सबसे ज्यादा नुकसान, पिछले 10-15 वर्षों में हालात हुए गंभीर: रतन सिंह अजनाला
-‘चुनाव आचार संहिता लगने दीजिए, लोग खुलकर बोलेंगे’, अकाली दल की रणनीति पर रतन सिंह अजनाला का बड़ा दावा
पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल पुनर्स्थापित और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी बीच अजनाला से शिरोमणि अकाली दल पुनर्स्थापित के विधानसभा क्षेत्र कोऑर्डिनेटर डॉ. रतन सिंह अजनाला की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह रही कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के पीछे भाजपा का बोर्ड भी नजर आया। इसके बाद अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन की चर्चाओं को और बल मिल गया है।
डॉ. रतन सिंह अजनाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्हें विधानसभा क्षेत्र कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपने के लिए ज्ञानी सिंह का धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, अकाली दल की रणनीति और नशे के मुद्दे पर खुलकर अपने विचार रखे।
अकाली दल और भाजपा के गठबंधन को लेकर रतन सिंह अजनाला ने कहा कि दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष की ओर से जो बात कही गई है, वह स्पष्ट और गंभीर है।
रतन सिंह अजनाला ने पंजाब में पिछले 10-15 वर्षों के हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस दौरान पंजाब को भारी नुकसान हुआ है और इस नुकसान का सबसे बड़ा कारण नशे की समस्या है। उन्होंने कहा कि पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार की ओर से नशे को खत्म करने का नारा दिया गया और इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी नशे को खत्म करने के दावे किए, लेकिन पंजाब में नशे की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि आज का मतदाता पहले की तुलना में काफी जागरूक और समझदार हो चुका है। सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के दौर में कोई भी बात लोगों से छिपाना आसान नहीं है और हर मुद्दा तुरंत जनता तक पहुंच जाता है।
रतन सिंह अजनाला ने कहा कि अकाली दल इस विधानसभा क्षेत्र में एक ही उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जिस दिन पंजाब में चुनाव आचार संहिता लागू होगी, उस दिन लोग खुलकर अपनी बात सामने रखेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर दिए गए बयानों के साथ-साथ पीछे नजर आए भाजपा के बोर्ड ने अजनाला की सियासत में चर्चा को और तेज कर दिया है। अब राजनीतिक हलकों में दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
